विदेश में नौकरी का सपना दिखाकर लेते थे पासपोर्ट, पुलिस ने खोला 62 पासपोर्ट वाले गिरोह का राज

मधुबनी पुलिस ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है. इस गिरोह के पास से 62 मूल पासपोर्ट बरामद हुए हैं. पुलिस ने मुख्य सरगना सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है.

Madhubani News: मधुबनी के घोघरडीहा थाना क्षेत्र में विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने और फर्जी पासपोर्ट व अवैध विदेशी वीजा से जुड़े नेटवर्क का पुलिस ने खुलासा किया है. पुलिस ने मामले में चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है. उनके कब्जे से अलग-अलग राज्यों और जिलों से जारी 62 मूल पासपोर्ट, एक मोटरसाइकिल, चार मोबाइल फोन और पांच खाली डाक लिफाफे बरामद किये गये हैं.

हनुमान चौक पर वाहन जांच के दौरान पकड़े गये दो युवक

पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि अपराध नियंत्रण और विधि-व्यवस्था को लेकर जिले में वाहन जांच और रात्रि गश्ती अभियान चलाया जा रहा था. इसी क्रम में 6 सितंबर की मध्य रात्रि करीब दो बजे घोघरडीहा थाना पुलिस हनुमान चौक के पास वाहन जांच कर रही थी.

इसी दौरान शत्रुपट्टी की ओर से मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक पहुंचे. पुलिस को देखते ही दोनों ने बाइक मोड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया.

बैग से बरामद हुए 62 मूल पासपोर्ट

गिरफ्तार युवकों की पहचान किसनीपट्टी निवासी मो. इरशाद और शत्रुपट्टी निवासी रफी अहमद के रूप में हुई. तलाशी के दौरान उनके काले रंग के बैग और मोटरसाइकिल की जांच की गयी. बैग से विभिन्न राज्यों और जिलों से निर्गत 62 मूल पासपोर्ट, पांच खाली रजिस्ट्री लिफाफे और दो मोबाइल फोन बरामद हुए.

इतनी संख्या में पासपोर्ट मिलने के बाद पुलिस ने दोनों से पूछताछ शुरू की. पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने मामले में आगे छापेमारी की.

डाककर्मी की कथित मिलीभगत से मंगाये जाते थे पासपोर्ट

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में मो. इरशाद ने बताया कि उसके पिता मो. आरजू ग्रामीण डाक सेवक मो. अदनान हुसैन की कथित मिलीभगत से देश के अलग-अलग हिस्सों से पासपोर्ट मंगवाते थे.

पुलिस का कहना है कि विदेश में नौकरी दिलाने का प्रलोभन देकर लोगों से पासपोर्ट मंगवाये जाते थे. इसके बाद इन पासपोर्ट को पटना और कानपुर में सक्रिय एजेंटों मयंक और श्रवण तक पहुंचाने का काम इरशाद और रफी अहमद करते थे.

मुख्य सरगना और डाककर्मी भी गिरफ्तार

पूछताछ से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने मुख्य सरगना बताये जा रहे मो. आरजू और ग्रामीण डाक सेवक मो. अदनान हुसैन के घरों पर छापेमारी की. दोनों को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया गया. उनके कब्जे से दो अन्य मोबाइल फोन भी बरामद किये गये.

इस कार्रवाई के बाद मामले में गिरफ्तार आरोपितों की संख्या चार हो गयी है. पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है.

रूस में एजेंटों के संपर्क में आने का दावा

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में मो. आरजू ने दावा किया कि रूस में रहने के दौरान वह अंतरराष्ट्रीय एजेंटों के संपर्क में आया था. इसके बाद वर्ष 2024 से वह डाककर्मी की कथित मिलीभगत से विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों से पासपोर्ट मंगाने लगा.

पुलिस के अनुसार, प्रत्येक पासपोर्ट के बदले करीब दो लाख रुपये लिये जाने और टूरिस्ट वीजा के माध्यम से लोगों को विदेश भेजने की बात सामने आयी है. गिरोह द्वारा रूस और खाड़ी देशों में नौकरी दिलाने का प्रलोभन देने की भी जानकारी मिली है.

पटना-कानपुर के एजेंटों तक पहुंचने में जुटी पुलिस

एसपी योगेंद्र कुमार के अनुसार, जांच में गिरोह के तार पटना और कानपुर में सक्रिय एजेंटों से जुड़े मिले हैं. पुलिस अब मयंक और श्रवण समेत नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई कर रही है.

बरामद 62 पासपोर्ट के संबंध में भी विस्तृत जांच की जा रही है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ये पासपोर्ट किन लोगों के हैं, उन्हें किस माध्यम से मंगाया गया और विदेश भेजने के नाम पर कितने लोगों से राशि ली गयी.

फर्जी पासपोर्ट और दस्तावेज के नेटवर्क की भी जांच

पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि गिरोह केवल पासपोर्ट जुटाने तक सीमित था या अन्य लोगों के नाम पर फर्जी पासपोर्ट और दस्तावेज तैयार कर विदेश भेजने का नेटवर्क भी संचालित कर रहा था.

घोघरडीहा थाना पुलिस ने मामले में सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

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लेखक के बारे में

By रमण कुमार मिश्रा

22 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. पॉजीटिव स्टोरी, चुनाव, बाढ़ और क्राइम सहित हर विधा की खबर लेखनी में निपुण हैं. जमीनी मुद्दों पर अपनी गहरी पकड़ के लिए जाने जाते हैं, जिसके तहत उनकी "वर्दीबास रेल खंड" एवं "गढ़गांव का दर्द" जैसी गंभीर सीरीज कई दिनों तक प्रमुखता से प्रकाशित हो चुकी हैं.

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