अस्पताल में दिन के बचे चावल दाल से बनायी जाती है खिचड़ी

Updated at : 17 Dec 2019 1:24 AM (IST)
विज्ञापन
अस्पताल में दिन के बचे चावल दाल से बनायी जाती है खिचड़ी

मधुबनी : सदर अस्पताल के वार्डों में भर्ती मरीजों को गुणवत्तापूर्ण पथ्य आहार नहीं दिया जा रहा है. आलम यह है कि पथ्य आहार एजेंसी द्वारा विगत तीन दिनों से रात के भोजन में खिचड़ी परोसा गया. जिसके कारण मेल सर्जिकल वार्ड में भर्ती मरीजों ने रविवार को पथ्य आहार लेने से इंकार कर दिया. […]

विज्ञापन

मधुबनी : सदर अस्पताल के वार्डों में भर्ती मरीजों को गुणवत्तापूर्ण पथ्य आहार नहीं दिया जा रहा है. आलम यह है कि पथ्य आहार एजेंसी द्वारा विगत तीन दिनों से रात के भोजन में खिचड़ी परोसा गया. जिसके कारण मेल सर्जिकल वार्ड में भर्ती मरीजों ने रविवार को पथ्य आहार लेने से इंकार कर दिया.

जिसके बाद मरीजों रात भर भूखे रहने को मजबूर रहे. वहीं सोमवार को भी एजेंसी द्वारा दोपहर तक मरीजों को पथ्य उपलब्ध नहीं कराया गया था. इसके अलावा मरीजों के लिए सतरंगी चादर योजना भी फेल है. मरीजों ने बताया कि बेड पर चादर भी प्रतिदिन नहीं बदला जाता है.

सदर अस्पताल में नहीं मिल रहा गुणवत्ता पूर्ण पथ्य आहार. सदर अस्पताल में भर्ती मरीजों को एजेंसी द्वारा गुणवत्तापूर्ण पथ्य आहार नहीं दिया जा रहा है. लेकिन अस्पताल प्रबंधन को इससे कोई सरोकार नहीं है. मेल सर्जिकल वार्ड में लहेरियागंज निवासी प्रदीप राय जो लगभग डेढ माह से यहां भर्ती है.

उन्होंने कहा कि एजेंसी द्वारा प्रतिदिन चावल, दाल व आलू सोया की सब्जी दोपहर के भोजन में व रोटी व आलू सोया की सब्जी रात के खाने में दिया जाता है. जबकि सुबह में 6 ब्रेड व एक ग्लास दूध जो दूध कम पानी ज्यादा होता है. इसके अलावा न तो कभी दही, फल या मिठाई दी जाती है. शुक्रवार से तीन दिनों तक रात में खिचड़ी दिया गया. खिचड़ी भी ऐसा कि दिन के बचे हुए चावल व दाल को मिलाकर.

जिसके कारण रविवार को सर्जिकल वार्ड में भर्ती कोई मरीज खिचड़ी नहीं लिया और रात भर भूखे रहे. वहीं रविवार को दोपहर का रवाना तीन बजे दिया गया. सोमवार को दोपहर तक मरीजों को पथ्य आहार नहीं दिया गया. इसी प्रकार सर्जिकल वार्ड में विगत 6 दिनों से भर्ती मलंगिया निवासी मनोज ठाकुर ने कहा कि 11 दिसंबर से अब तक चादर नहीं बदला गया है. सुबह में ब्रेड व दूध तो दिया जाता है लेकिन दूध क्या पानी में उजला रंग जैसा रहता है.

खाने में चावल, दाल व आलू सोया की सब्जी. हरी सब्जियों का नामो निशान नहीं होता है. नोनिया टोली निवासी गणेश साह ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन के द्वारा कभी भी मरीजों से यह नहीं पूछा जाता कि पथ्य आहार में आपको क्या क्या दिया जा रहा है. जिसके कारण एजेंसी द्वारा पथ्य आहार में मनमानी किया जा रहा है. विकाउ पासवान जो 12 दिसंबर से भर्ती है, उसका भी यही रोना है.

उन्होंने कहा कि मरीजों के पथ्य आहार के लिए सरकार द्वारा दिये जा रहे राशि का बंदरबांट अस्पताल प्रबंधन और एजेंसी द्वारा किया जा रहा है. 22 नवंबर से मेल सर्जिकल वार्ड में भर्ती विजय सलमपुर निवासी विमल कांत झा ने कहा कि पथ्य आहार एजेंसी द्वारा बेहद घटिया खाना दिया जा रहा है. तीन दिनों से रात की खिचड़ी दिया जा रहा है. रविवार को दोपहर 3 बजे खाना दिया गया. उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी समस्या शौचालय की है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन