मौसम भी बार बार बदल रहा है अपना रंग

पिछले एक माह से मौसम अपना मिजाज बदल रहा है. कभी धूप से लोगों को थोड़ी राहत मिल रही है तो कभी सूर्य देव के दर्शन नहीं देने एवं पूर्वा तथा पछुआ हवा से कनकनी बढ़ जाती है.

By Rajeev Murarai Sinha Sinha | January 5, 2026 7:27 PM

-कभी कनकनी से परेशानी तो कभी धूप से मिलती है राहत -पिछले एक पखवाड़ा से चल रहा है मौसम के मिजाज का खेल -सब्जियों की खेती पर पड़ रहा असर, फलों के विकास में भी आ रही कमी लखीसराय. पिछले एक माह से मौसम अपना मिजाज बदल रहा है. कभी धूप से लोगों को थोड़ी राहत मिल रही है तो कभी सूर्य देव के दर्शन नहीं देने एवं पूर्वा तथा पछुआ हवा से कनकनी बढ़ जाती है. जिससे कि लोगों बाहर बैठना उठना भी दुर्लभ हो जाता है. सुबह से ही आसमान में बादल छाया रहा एवं दोपहर को हल्की धूप भी निकला तो वह चंद घंटों घर आये और मेहमान की तरह गायब हो गये. यही हाल पिछले कई दिनों से चल रहा है. लोग कभी रजाई में तो कहीं अलाव जलाकर ठंड से बचने को कोशिश करते आ रहे है. जिला प्रशासन के द्वारा भी अलाव की व्यवस्था नहीं की जा रही है. सबसे अधिक परेशानी पड़ोस जिला से आकर कार्यालय में कार्य करने वाले को हो रही है. सुबह-सुबह जमालपुर, जमुई, मोकामा, हाथीदह एवं शेखपुरा आने जाने वाले को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सुबह में जाना एवं देर शाम को घर पहुंचने में ठंड रहने के कारण काफी कठिनाई होती है. कई फसल को नुकसान भी पहुंचा रहा है तरह का मौसम लगातार धूप नहीं उगने से कई फसल को नुकसान भी पहुंच रहा है. पर्याप्त टेंपरेचर नहीं रहने के कारण आलू में झुलसा रोग लग रहा है. वहीं सरसों के फूल में लाही लगना शुरू हो चुका है. पौधा संरक्षण के सहायक निदेशक अंकित कुमार ने बताया कि मटर, गोभी, टमाटर, मिर्च आदि फसल के लिए इस तरह का मौसम अनुकूल है. वहीं आलू में झुलसा एवं सरसों में लाही होने का भय बना रहता है.

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