इंदुपुर गोलीकांड का पर्दाफाश : पुलिस जांच में पलटी कहानी

गोलीकांड मे मनोज खुद निकला फायरिंग का आरोपित

गोलीकांड मे मनोज खुद निकला फायरिंग का आरोपित लखीसराय. नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड 21 स्थित इंदुपुर में विगत 10 अक्तूबर को हुई गोलीबारी की गुत्थी शनिवार को सुलझ गयी. पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि जिस व्यक्ति को गोली लगी थी, वही इस घटना का मुख्य आरोपित है. थानाध्यक्ष ब्रजभूषण सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने शनिवार को मेटल डिटेक्टर व आधुनिक उपकरणों की मदद से घटनास्थल पर सघन तलाशी अभियान चलाया. तलाशी के दौरान एक पिस्टल बरामद की गयी, जो मनोज कुमार सिंह के घर के आगे बनी झोपड़ी में चारपहिया वाहन के टायर के भीतर छिपाकर रखी गयी थी. पुलिस पूछताछ में मनोज सिंह ने कबूल किया कि उन्होंने आत्महत्या के इरादे से 25 हजार रुपये में अवैध हथियार व तीन गोलियां खरीदी थी. गोली चलाने के दौरान एक फायर उनकी बाईं हथेली को आर-पार कर गया, जिसके बाद उन्होंने घटना को विवाद से जोड़कर झूठी कहानी रच दी. घटना के बाद मनोज सिंह के पुत्र ने पड़ोसी पर गोली चलाने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करायी थी. कहा गया था कि रास्ते को लेकर विवाद के बीच फायरिंग हुई, लेकिन पुलिस जांच में कहानी संदिग्ध लगी. शनिवार को सघन छापेमारी के बाद पूरा सच सामने आ गया. थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोपित मनोज सिंह को गिरफ्तार कर आर्म्स एक्ट के तहत जेल भेज दिया गया है. हथियार सप्लाई करने वाले व्यक्ति की पहचान कर ली गयी है. उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. उधर, मनोज सिंह के पुत्र द्वारा दर्ज करायी गयी प्राथमिकी को पुलिस ने निरस्त कर दिया है. छापेमारी अभियान में एसआइ आरके श्रीवास्तव, स्थानीय पुलिस बल व सीआरपीएफ के जवान भी शामिल रहे.

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By Rajeev Murarai Sinha Sinha

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