पीरीबाजार. सरकारी योजनाओं में लूट-खसोट और पर्यावरण की अनदेखी का एक ताजा मामला पीरीबाजार थाना क्षेत्र के अंतर्गत चौरा राजपुर पंचायत के घोघी से सामने आया है. जहां लघु सिंचाई विभाग द्वारा कराये जा रहे नहर खुदाई के कार्य में न केवल मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, बल्कि विकास के नाम पर पर्यावरण का भी गला घोटा जा रहा है. अनियमितता की सीमा पार, मानकों को ताक पर रखा, ग्रामीणों का आरोप है कि नहर की खुदाई में विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत से जमकर अनियमितता बरती जा रही है. योजना स्थल पर संबंधित बोर्ड नहीं लगाया गया है, जिससे लोगों को यह पता नहीं चल पाता है कि योजना कितने राशि की है और कब पूरा करना है, साथ ही खुदाई के लिए तय किये गये तकनीकी मानकों की अनदेखी की जा रही है, जिससे भविष्य में किसानों को इस योजना का लाभ मिलने पर संशय बना हुआ है. स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्यस्थल पर योजना से संबंधित कोई सूचना बोर्ड भी नहीं लगाया गया है, जिससे कार्य की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं. बिना अनुमति हरियाली पर चली कुल्हाड़ी हैरानी की बात यह है कि नहर खुदाई के नाम पर रास्ते में आने वाले पेड़ों को बिना किसी विभागीय अनुमति के धड़ल्ले से काटा जा रहा है. नियमतः किसी भी सरकारी योजना के लिए पेड़ काटने से पहले वन विभाग से अनुमति और एनओसी लेना अनिवार्य है, लेकिन यहां वन कानूनों को ताक पर रखकर हरे-भरे पेड़ों की बलि दी जा रही है. ग्रामीणों ने इस मामले में जिला प्रशासन और लघु सिंचाई विभाग के वरीय अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि सम्बंधित मामले में धांधली और अवैध पेड़ कटाई को तुरंत ध्यान देना चाहिए, विकास के नाम पर भ्रष्टाचार और पर्यावरण का विनाश बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. वहीं मामले से वन विभाग के फॉरेस्टर अनुभव कुमार ने कहा कि बिना अनुमति के पेड़ कटाई नहीं करना है, हम स्थलीय निरीक्षण करते हैं. वहीं लघु सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता संतोष कुमार ने कहा कि जल्द ही योजना स्थल पर संबंधित बोर्ड लगा दिया जायेगा. वहीं पेड़ कटाई को लेकर उन्होंने कहा कि पइन के जल क्षेत्र में जो भी पेड़ आयेगा, उसके कटाई के लिए वन विभाग को सूचित किया गया होगा. हम मामले की विस्तृत जानकारी लेते हैं. ———————————————–
नहर खुदाई में भ्रष्टाचार का खेल: लघु सिंचाई विभाग की योजना में धांधली, बिना अनुमति के काट दिये पेड़
ग्रामीणों का आरोप है कि नहर की खुदाई में विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत से जमकर अनियमितता बरती जा रही है.
