लखीसराय. जिले के नया बाजार धर्मशाला में इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन लखीसराय जिला इकाई के तत्वावधान में हास्य व्यंग्य होली विशेषांक का 26वां संस्करण “रंगोर’ नामक पुस्तिका का लोर्कापण, सार्वजनिक होली मिलन समारोह एवं महामूर्ख सम्मेलन का आयोजन बड़े धूमधाम से किया गया. सर्वप्रथम पत्रकार रंजीत सम्राट द्धारा संपादित हास्य व्यंग्य होली विशेषांक “रंगोर” नामक पुस्तिका का लोर्कापण मुख्य डीएम मिथलेश कुमार, विशिष्ट अतिथि सूर्यगढ़ा विधायक रामानंद मंडल, डीडीसी सुमित कुमार, नगर परिषद सभापति अरविंद पासवान, पूर्व विधायक फुलेना सिंह वेद ग्रुप के चैयरमेन डॉ ओमप्रकाश, वरिष्ठ पत्रकार डॉ लक्ष्मी प्रसाद सिंह आदि द्धारा किया गया. डीएम ने कहा कि सांस्कृतिक गरिमा से मंडित होली पारस्परिक त्याग, सहयोग, प्रेम और आत्मशक्ति की नींव पर अधारित हास्य व्यंग्य होली विशेषांक रंगोर एक संदेश देता है जो जीवन को बहुरंगी विधाओं से जोड़कर समाज में शान्ति-स्नेह और सदभाव का वातावरण बना रहे। होली भी रंग-गुलाल से सराबोर होती है और हंसी-ठिठोली, गीत-संगीत, रंग-राग की भी खास कशिश होती है पर इस हुलास में कहीं मर्यादा का अतिक्रमण नहीं होता बल्कि भक्ति की संजीदगी होती है. इस कार्यक्रम में बिहार के प्रसिद्ध लोकगायक नवल भारती, पवन बिहारी, सरगम सम्राट ने होली के गीत -केकरे हाथे कनक पिचकारी, केकरे हाथ अबीरा, अवध मां होली खेलैं रघुवीरा गाकर लोगों के मन मोह लिया. वहीं अंतिम कड़ी में महामूर्ख सम्मेलन की शुरुआत किया गया. जिसमें सभी मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों को फल व फूल का माला पहनाकर उन्हे लंठाधिराज, महामूर्खाधिराज, मुर्खापति, मुर्खानंद आदि से विभुषित किया गया। उन्हें उपहार के तौर पर सिंदुर, टिकुली, चुड़ी, लहठी, आईना देकर सम्मानित किया गया. इस कार्यक्रम को देखकर लोग लोटपोट हो गये. कार्यक्रम की अध्यक्षता इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन लखीसराय जिला इकाई के जिलाध्यक्ष व वरिष्ठ पत्रकार सुनील कुमार ने की, वहीं मंच संचालन कवि दशरथ, उद्घोषक ओमप्रकाश स्नेही एवं मनोज मेहता ने संयुक्त रूप से किया. मौके पर नेशनल चेंबर्स ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष सुरेश प्रसाद, महासचिव रामगोपाल ड्रोलिया, कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष अरविंद साव, चेंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व जिलाध्यक्ष शैलेश पोद्वार कुमार कवि दशरथ महतो, प्रो शिवशंकर मिश्र, राजेश्वरी सिंह, रोहित कुमार, भगवान राही, भोला पंडित, देवेंद्र आजाद, जीवन पासवान, कृष्णदेव यादव, सुखदेव मोदी ने बारी-बारी से अपनी रचनाओं को सुनाकर होली की रसफहार से लोगों को भींगाते रहे. ——————————————————————————————-
हास्य व्यंग्य होली विशेषांक रंगोर का 26 वां संस्करण पुस्तिका का लोकार्पण
सांस्कृतिक गरिमा से मंडित होली पारस्परिक त्याग, सहयोग, प्रेम और आत्मशक्ति की नींव पर अधारित हास्य व्यंग्य होली विशेषांक रंगोर एक संदेश देता है
