इस वित्तीय वर्ष में धान की कम खरीदी का लक्ष्य होने से पैक्स अध्यक्षों में मायूसी

इस वित्तीय वर्ष में धान के खरीदारी का काम लक्ष्य होने के कारण पैक्स अध्यक्ष में मायूसी छा गयी है. पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष धान 25 हजार एमटी कम खरीदी का लक्ष्य दिया गया है.

By Rajeev Murarai Sinha Sinha | January 5, 2026 6:39 PM

-पिछले वित्तीय वर्ष में 27 हजार एमटी का है खरीदारी का लक्ष्य

-अब तक 22 प्रतिशत धान की हो चुकी खरीदारी, जनवरी तक हो सकता है लक्ष्य प्राप्त

लखीसराय. इस वित्तीय वर्ष में धान के खरीदारी का काम लक्ष्य होने के कारण पैक्स अध्यक्ष में मायूसी छा गयी है. पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष धान 25 हजार एमटी कम खरीदी का लक्ष्य दिया गया है. पिछले वर्ष शुरुआत में 57 हजार 212 एमटी धान की खरीदी की लक्ष्य था. जिसे बढ़ाकर 74 हजार से अधिक लक्ष्य आया साथ ही 96 प्रतिशत लक्ष्य को प्राप्ति कर ली गयी थी. इस साल मात्र 47 हजार 235 एमटी का लक्ष्य रखा गया है. अभी तक 12 सौ एमटी धान की खरीदी की गयी है. यानि अभी तक 25 प्रतिशत ही धान की खरीदी हुई है. लक्ष्य निर्धारण के पूर्व सभी पैक्स अध्यक्ष को धान उपज का 10 प्रतिशत खरीदी का लक्ष्य निर्धारण किया गया था. बाद में लक्ष्य आने पर सभी पैक्स अध्यक्ष को लक्ष्य निर्धारित किया गया, लेकिन इससे पैक्स अध्यक्ष को संतुष्टि नहीं है. पैक्स अध्यक्षों का कहना है कि लक्ष्य उपज के अनुपात काफी कम है. जबकि बड़े बड़े किसान के पास धान अधिक मात्रा में धान उपलब्ध है. पैक्स अध्यक्ष का मानना है पंचायतवार भी लक्ष्य कम प्राप्त है. जबकि किसानों की संख्या अधिक है. पैक्स संघ लखीसराय के अध्यक्ष दिगम कुमार का कहना है इस बार पैक्स को पिछले साल के मुकाबले 60 प्रतिशत कम है. पैक्स में धान बेचने वालों किसानों की संख्या काफी अधिक है. इस बार बाजार में धान का भाव काफी कम रहने के कारण किसान धान पैक्स को बेचना चाह रहे हैं. इस बार पैक्स अध्यक्षों द्वारा से 2369 रुपया प्रति क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है, जबकि बाजार मूल्य 14 सौ से 16 सौ रुपये प्रति क्विंटल है. वहीं कम लक्ष्य होने के कारण पैक्स अध्यक्ष के सामने दुविधा उत्पन्न हो रही है.

बोले अधिकारी

जिला सहकारिता पदाधिकारी सुमन कुमारी का कहना है कि पिछले साल के मुकाबले इस बार धान खरीदी का लक्ष्य कम दिया गया है. उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान जानकारी मिली कि सभी जिला में इस बार धान खरीदी का लक्ष्य कम ही दिया गया है. आगे धान की खरीदी का लक्ष्य बढ़ाया जा सकता है.

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