भव्यता के साथ सजेगा काली पूजा पंडाल

भव्यता के साथ सजेगा काली पूजा पंडाल

केदारनाथ धाम की आभा में नहायेगा मेला परिसर

वर्ष 1883 से हो रही है कजरा रेलवे स्टेशन परिसर मां काली की पूजा

वर्ष 1901 में कजरा रेलवे स्टेशन बनने के दौरान बना दिया गया मां काली का मंदिर

142 वर्षों से लगातार दीपावली के मौके पर हो रहा काली पूजनोत्सव का आयोजन

कजरा. आगामी काली पूजा को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है. कजरा रेलवे स्टेशन परिसर में हर वर्ष की भांति इस वर्ष पूजन समारोह भव्य रूप से मनाने को लेकर तैयारी की जा रही है. इस वर्ष पूजा पंडाल को भव्य बनाने के लिए विशेष थीम पर काम किया जा रहा है. आयोजकों ने इस बार प्रसिद्ध केदारनाथ धाम के आधार पर पूजा पंडाल तैयार करने का निर्णय लिया है. मेला परिसर में चल रहे निर्माण कार्य को देखकर लोगों में उत्सुकता साफ झलक रही है. मूर्तिकार भी दिन-रात मेहनत कर मां काली की प्रतिमा को आकर्षक रूप में देने में जुटे हैं. प्रतिमा की नयन-रचना से लेकर अलंकरण तक हर पहलू को बेहद सलीके और श्रद्धा के साथ सजाया जा रहा है ताकि भक्तों को एक अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव मिल सके.

पूरी व्यवस्था को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाये रखने के लिए मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाये गये है. काली पूजा समिति के कार्यकारी अध्यक्ष सन्नी कुमार ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन से भी समन्वय किया गया है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके.

वर्ष 1883 से ही कजरा स्टेशन परिसर में बने मंदिर में हो रही मां काली की पूजा

बता दें कि वर्ष 1883 से ही कजरा रेलवे स्टेशन परिसर में मां काली की पूजनोत्सव का आयोजन किया जा रहा है. वहीं वर्ष 1901 में कजरा रेलवे स्टेशन बनने के दौरान ग्रामीणों की मांग पर स्टेशन परिसर में मुख्य सड़क के निकट मां काली का मंदिर करा दिया गया था. स्थानीय लोगों के द्वारा बताया जाता है कि कजरा रेलवे स्टेशन के बनने से पूर्व ग्रामीण यहां पर प्रत्येक वर्ष दीपावली के समय पंडाल बनाकर मां काली की प्रतिमा स्थापित कर पूजा अर्चना किया करते थे. वहीं कजरा रेलवे स्टेशन के निर्माण के समय स्थानीय ग्रामीणों की मांग पर मंदिर का भी निर्माण कर मां काली की प्रतिमा की पूजा अर्चना प्रारंभ की गयी थी. तब से आज तक स्थानीय लोग इस मंदिर में दीपावली पर मां काली की प्रतिमा स्थापित कर श्रद्धापूर्वक मां काली की पूजा अर्चना करते हैं. इस दौरान कजरा रेलवे स्टेशन के सामने भव्य मेला का भी आयोजन करते हैं, जिससे आसपास के लोगों का मनोरंजन भी हो सके.

मेला में मनोरंजन

मेला में मनोरंजन के भी पूरे इंतजाम किये गये है. जो बच्चों और बड़ों के लिए विशेष आकर्षण रहेगा. तारामाची, ब्रेक डांस, नाव जैसी झूलों के साथ-साथ महिलाओं और युवतियों के बीच लोकप्रिय मीना बाजार भी लगाया जा रहा है. जहां मनोरंजन के साथ ही खरीदारी की सुविधाएं उपलब्ध होगी. पूजा समिति से मिली जानकारी के अनुसार मेला का आयोजन 21 और 22 अक्तूबर को किया जायेगा. इन दो दिनों तक श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का माहौल पूरे क्षेत्र में रहेगा. मेला स्थल पर आने वाले श्रद्धालुओं और दर्शकों के लिए रोशनी, साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था की जा रही है.

काली पूजा समिति के सदस्य गुलशन कुमार उर्फ गुल, सत्यम कुमार उर्फ राजा व लक्ष्मण कुमार उर्फ गोलू ने संयुक्त रूप से बताया कि तैयारियां अंतिम चरण में हैं. इतना ही नहीं इस बार का आयोजन लोगों के जेहन में एक बेहतर यादगार बनेगा. समिति के अन्य सदस्य और कार्यकर्ता तैयारियों में जोर-शोर से लगे हुए हैं.

इस बार भव्य पंडाल, आकर्षक मूर्तियां, सुसज्जित रोशनी और मनोरंजन के विविध साधनों के साथ इस बार की काली पूजा क्षेत्रवासियों के लिए आस्था व आनंद का संगम साबित होगी.

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