नक्शा बनवा देने को लेकर बाहरी लोगों द्वारा भी लिया जा रहा है ठेका

नगर परिषद कार्यालय के अनाधिकृत व्यक्ति एवं कार्यालय में आवागमन करने वाले अन्य लोगों के द्वारा मकान निर्माण का नक्शा बनाने के नाम पर अवैध उगाही किया जा रहा है.

By Rajeev Murarai Sinha Sinha | January 5, 2026 6:47 PM

-कई लोग नक्शा बनवा देने के नाम दलाल ऐंठ रहे लोगों से मोटी राशि

-बिचौलिया के चक्कर में पड़ने वालों का महीनों चक्कर लगाने के बाद भी नहीं बनता नक्शा

-शहर के बुद्धिजीवियों से भी नक्शा बना देने के नाम पर ले ली जाती है अधिक राशि

लखीसराय. नगर परिषद कार्यालय के अनाधिकृत व्यक्ति एवं कार्यालय में आवागमन करने वाले अन्य लोगों के द्वारा मकान निर्माण का नक्शा बनाने के नाम पर अवैध उगाही किया जा रहा है. नगर परिषद कार्यालय पहुंचने से पूर्व ही भोले भाले लोगों से नक्शा बनाने के नाम पर मोटी रकम ले ली जाती है. जिसके बाद उन्हें महीने दो महीने तक नक्शा बनाने के नाम पर बहलाते रहते है. सरकारी शुल्क के अनुसार 8 से 10 हजार रुपये में नक्शा बन सकता है, लेकिन उपभोक्ताओं से दोगुनी राशि ली जाती है. वर्तमान में नक्शा के लिए प्रभार वीरेंद्र कुमार एवं जूनियर इंजीनियर के रूप में दिलखुश कुमार को प्राधिकृत किया गया है, लेकिन नक्शा बनाने वाले वैसे आर्टिटेक जिनका नगर परिषद के पैनल में नाम भी नहीं है, उनके द्वारा भी नगर परिषद से नक्शा पास करने का ठेका ले लिया जाता है. इस तरह लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं. अनाधिकृत लोगों के द्वारा नक्शा पास कराने को लेकर नप के अधिकारियों के द्वारा भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. दरअसल यह सब बात अधिकारियों तक पहुंच नहीं पा रही है. नगर परिषद के पीएम आवास के प्रभारी जेई सह नक्शा इंजीनियर दिलखुश कुमार ने बताया कि एक मंजिला मकान निर्माण कराने पर नक्शा के लिए 66 रुपये पर स्क्वायर मीटर लिया जाता शुल्क लिया जाता है. मकान का निर्माण कितने स्क्वायर मीटर में किया जाना है उस हिसाब से नक्शा पास कराने के लिए राशि की जाती है. कोई अगर अधिक राशि लेता है तो इसकी शिकायत कार्यालय में किया जा सकता है.

बोले अधिकारी

नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी रमन कुमार ने बताया कि नक्शा पास करने वाले लोग नप कार्यालय के संबंधित कर्मियों से मिलकर नक्शा बनायें. उन्होंने कहा कि नक्शा को लेकर एक शिकायत आया था, जिन्हें थाना में एफआईआर करने की सलाह दी गयी. उन्होंने कहा कि जो नप पैनल नहीं है उन्हें नक्शा बनाने के नाम पर राशि नहीं दी जाय.

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