बंदी. सोने पर उत्पाद शुल्क लगाने का दुकानदार कर रहे विरोध

Published at :04 Mar 2016 6:14 AM (IST)
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बंदी. सोने पर उत्पाद शुल्क लगाने का दुकानदार कर रहे विरोध

बंद रही जिले की सर्राफा दुकानें सोने पर उत्पाद शुल्क लगाये जाने के विरोध में सर्राफा व्यवसायी दो दिवसीय बंदी कर विरोध जता रहे हैं. इसी क्रम में जिले में भी सर्राफा दुकाने बंद रहीं. व्यवसायियों का कहना है कि उत्पाद शुल्क बढ़ाये जाने का फैसला काला कानून है. इससे अफसरशाही बढ़ेगी. छोटे व्यवसायी व […]

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बंद रही जिले की सर्राफा दुकानें

सोने पर उत्पाद शुल्क लगाये जाने के विरोध में सर्राफा व्यवसायी दो दिवसीय बंदी कर विरोध जता रहे हैं. इसी क्रम में जिले में भी सर्राफा दुकाने बंद रहीं. व्यवसायियों का कहना है कि उत्पाद शुल्क बढ़ाये जाने का फैसला काला कानून है. इससे अफसरशाही बढ़ेगी. छोटे व्यवसायी व कारीगर पूरी तरह बरबाद हो जायेंगे.
लखीसराय/सूर्यगढ़ा : केंद्रीय आम बजट में एक प्रतिशत उत्पाद शुल्क बढ़ाये जाने के विरोध में सर्राफा व्यवसायी संघ आंदोलन कर रहा है. इसके तहत संघ के केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर गुरुवार को सूर्यगढ़ा में लगभग दो दर्जन सर्राफा व्यवसायियों ने अपनी दुकानें बंद रखी, जबकि लखीसराय में सर्राफा व्यवसायी शुक्रवार को उक्त निर्णय के विरोध में अपनी दुकानें बंद रखेंगे.
सूर्यगढ़ा में बंद का समर्थन कर रहे संघ के सचिव विमल वर्मा, शंभू वर्मा आदि ने बताया कि केंद्रीय नेतृत्व के द्वारा तीन दिवसीय हड़ताल की सूचना विलंब से मिलने की वजह से बुधवार को बंदी नहीं हो सकी, लेकिन अगले दो दिन गुरुवार व शुक्रवार को सभी सर्राफा व्यवसायी व सोने के ज्वेलरी बनाने वाले कारीगर हड़ताल पर रहेंगे. उन्होंने बताया कि सोना पर एक तो पहले से ही एक प्रतिशत वैट है, अब बजट में एक प्रतिशत उत्पाद शुल्क बढ़ा दिया गया है.
यह एक काला कानून है. ऐसे में ग्राहकों व दुकानदार दोनों को घाटा होगा. इससे अफसरशाही को बढ़ावा मिलेगा. इस फैसले के बाद छोटे-छोटे व्यवसायी और कारीगर बरबाद हो जायेंगे. ग्राहकों पर भी बोझ बढ़ेगा. स्वर्ण व्यवसायियों का कहना था कि यह एक क्रेडिट का धंधा है. अधिकांश ग्राहक क्रेडिट पर ही खरीदारी करते हैं.
ऐसे में उधारी का धंधा बिल्कुल ही खत्म हो जायेगा और व्यवसाय पूरी तरह चौपट हो जायेगा. इस टैक्स की आड़ में स्वर्ण व्यवसायियों को बेवजह परेशान किया जायेगा. उत्पाद शुल्क के लागू होने से अब ग्राहकों को एक लाख के गहने पर दो हजार रुपया टैक्स के तौर पर भुगतान करना होगा.
ज्वैलरी बनाने वाले कारीगर का काम भी रहा ठप
स्वर्ण आभूषण कारीगर श्रवण कुमार वर्मा ने बताया कि कारीगर व्यवसायी से सोना लेकर ज्वेलरी बनाकर उन्हें वापस लौटाते हैं और मजदूरी लेते हैं. अब 55 ग्राम या अधिक का काम करने पर कारीगर को भी टैक्स देना होगा. यह काला कानून है. इससे परेशानी बढ़ेगी. चूंकि कारीगर के पास इतनी पूंजी नहीं होती कि वे सोना खरीद कर ज्वेलरी बनायें.
वे क्रेडिट पर सोना लेकर काम करते हैं.
विरोध प्रदर्शन के मौके पर अध्यक्ष निर्भय अग्रवाल के अलावे मनोहर कुमार वर्मा, मंटू वर्मा, करुणा सागर वर्मा, राजेश वर्मा,मदन वर्मा, अशोक वर्मा सहित कई लोग मौजूद थे.
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