हत्या के प्रयास मामले के एक आरोपी को सुनायी गयी दस वर्ष सजा

व्यवहार न्यायालय लखीसराय के जिला अपर सत्र न्यायाधीश पंचम राजन कुमार की कोर्ट ने सोमवार को कजरा थाना क्षेत्र के हत्या के प्रयास के एक मामले में सुनवाई करते हुए एक आरोपी को दस वर्ष की सजा सुनायी है.

जिला अपर सत्र न्यायाधीश पंचम की कोर्ट ने सुनायी सजा लखीसराय.व्यवहार न्यायालय लखीसराय के जिला अपर सत्र न्यायाधीश पंचम राजन कुमार की कोर्ट ने सोमवार को कजरा थाना क्षेत्र के हत्या के प्रयास के एक मामले में सुनवाई करते हुए एक आरोपी को दस वर्ष की सजा सुनायी है. इस संबंध में जानकारी देते हुए अपर लोक अभियोजक हरेराम शर्मा ने बताया कि सेशन नंबर 481/09, सूर्यगढ़ा(कजरा) थाना कांड संख्या 69/2008 में सुनवाई करते हुए विद्वान न्यायाधीश ने भादवि की धारा 341/149, 323/149, 324/149, 307/149 एवं आर्म्स एक्ट मामले में अलग-अलग सजा सुनाने के साथ ही सभी सजाओं के साथ साथ चलने की बात कही है. उन्होंने बताया कि मामले में छह लोगों को अभियुक्त बनाते हुए प्राथमिकी दर्ज की गयी थी, जिसमें एक अभियुक्त को आरोपी कजरा थाना क्षेत्र के लय निवासी अशोक सिंह को दोषी पाते हुए सजा सुनायी गयी है. उन्होंने घटना का जिक्र करते हुए बताया कि 23 मार्च 2008 की सुबह सूचक अभिमन्यू कुशवाहा अपने खेत से खेसारी लेकर अपने घर जा रहा था. इसी दौरान लय गांव के पश्चिम तालाब के पूरब पहुंचने पर अशोक सिंह अन्य अभियुक्तों के साथ मिलकर उसे घेर लिया. और जान मारने की नियत से उसे पकड़कर गोली चला दी. गोली उसके बायें पैर के ठेंगुना के नीचे लगी. इस दौरान सूचक के बड़े भाई मनोज महतो जब बचाने आया तो उसके साथ ही लाठी डंडे से मारपीट किया गया. जिसमें दोनों व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया. एपीपी हरेराम शर्मा ने बताया कि मामले में सुनवाई करते हुए विद्वान न्यायाधीश ने अशोक सिंह को दोषी पाते हुए भादवि की धारा 307/149 में दस वर्ष की साधारण कारावास एवं 25 हजार रुपया अर्थदंड की सजा सुनायी है. अर्थदंड नहीं दिये जाने पर एक वर्ष की अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा का प्रावधान रखा है. इसी तरह धारा 341/149 में एक माह की सजा व पांच सौ रुपये अर्थदंड, अर्थदंड नहीं दिये जाने पर एक माह की अतिरिक्त सजा, धारा 323/149 में एक वर्ष की सजा से एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा, अर्थदंड नहीं दिये जाने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा, धारा 324/149 में तीन वर्ष की सजा व पांच हजार रुपये अर्थदंड तथा अर्थदंड नहीं दिये जाने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा, 27 आर्म्स एक्ट में पांच वर्ष की सजा व 10 रुपये हजार अर्थदंड की सजा के साथ ही अर्थदंड नहीं दिये जाने पर छह माह की अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा का प्रावधान रखा गया है. एपीपी श्री शर्मा ने बताया कि सभी सजाएं साथ साथ चलेंगी. मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से एपीपी हरेराम शर्मा एवं बचाव पक्ष से अधिवक्ता मनोज कुमार सिन्हा पैरवी कर रहे थे.

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