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थानेदार बेटे की मॉब लिंचिंग से हुई मौत का सदमा सहन नहीं कर सकी मां, हार्ट अटैक से हुआ निधन

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
मॉब लिंचिंग के शिकार इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार की मां का निधन
मॉब लिंचिंग के शिकार इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार की मां का निधन
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किशनगंज सदर थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार की शनिवार को भीड़ ने पीट-पीट कर हत्या कर दी. रात लगभग ढाई बजे किशनगंज शहर से करीब 11 किलोमीटर दूर पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के पांजीपाड़ा थाना क्षेत्र के पनतापाड़ा गांव में वारदात को अंजाम दिया गया. वहीं बेटे की मौत का सदमा इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार की मां नहीं सह सकीं और रविवार को दिल का दौरा पड़ने के कारण उनका भी निधन हो गया.सात साल पहले अपने पति महेश्वरी यादव को खोने के बाद अब आंचल सूना होने से मां उर्मिला देवी के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे. आखिरकार वो इस सदमे को बर्दाश्त नहीं कर सकीं और अपने प्राण त्याग दिये.

गौरतलब है कि शनिवार को यह घटना उस समय हुई जब इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार अपनी टीम के साथ मोटरसाइकिल चोरी और लूट कांड के मुख्य सरगना को गिरफ्तार करने पांजीपाड़ा गये थे. उनके साथ किशनगंज सर्किल इंस्पेक्टर मनीष कुमार और सशस्त्र बल भी था, लेकिन भीड़ के हमले में किशनगंज सदर थानाध्यक्ष अश्वनी कुमार पूरी तरह से घिर गये. पुलिस टीम में शामिल अन्य अधिकारी व जवान उन्हें बचाने में पूरी तरह विफल रहे और वहां से अपनी जान बचाकर भाग निकले.

छापेमारी के दौरान मॉब लिंचिंग में हुई हत्या ने अररिया जिले के लोगों को भी झकझोर कर रख दिया है. वे बाइक चोरों को पकड़ने के लिए किशनगंज जिले से सटे बंगाल क्षेत्र में छापेमारी के लिए गये थे, जहां उनकी मॉब लिंचिंग कर दी गयी. शनिवार सुबह से लेकर पूरे दिन जिले के आम लोगों समेत पदाधिकारियों में उनकी चर्चा होती रही. अश्विनी कुमार 11 फरवरी 2016 से 14 मार्च 2017 तक रानीगंज थाने में थानाध्यक्ष पद पर रहे.

किशनगंज थानाध्यक्ष अश्विनी कुमार को भीड़ में छोड़कर जान बचाकर भागने पर वाले सर्किल इंस्पेक्टर मनीष कुमार व छह पुलिस कांस्टेबल को आइजी सुरेश प्रसाद चौधरी ने निलंबित कर दिया है. सस्पेंड होने वाले कांस्टेबल में राजू साहनी, अखिलेश्वर तिवारी, प्रमोद कुमार पासवान, उज्जवल कुमार पासवान, सुनील चौधरी व सुशील कुमार शामिल हैं.

आइजी ने कहा कि पुलिकर्मियों ने अपने कर्तव्य का निर्वहन विवेकपूर्ण ढंग से किया होता, तो संभवत: यह घटना नहीं घटती. प्रथमदृष्टया इनलोगों की लापरवाही परिलक्षित होती है. इस लापरवाही के लिए सभी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है. निलंबन की अवधि में इनका मुख्यालय पुलिस केंद्र किशनगंज होगा. इस मामले की जांच जारी रहेगी.

Posted By: Thakur Shaktilochan

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