वित्तीय वर्ष 2025-26 की चतुर्थ त्रैमासिक (जनवरी–मार्च 2026) जिला स्तरीय समीक्षा समिति की बैठक मंगलवार को समाहरणालय स्थित महानंदा सभागार में आयोजित हुई. बैठक की अध्यक्षता अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) मो. उमैर ने की. इस दौरान बैंकिंग क्षेत्र के प्रदर्शन और केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई.
बैठक में ऋण-जमा अनुपात, वार्षिक ऋण योजना, कृषि ऋण, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण योजना, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, वित्तीय साक्षरता तथा एसबीआई ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान समेत विभिन्न योजनाओं की उपलब्धियों पर चर्चा की गई.
वित्तीय समावेशन पर दिया गया विशेष जोर
अपर समाहर्ता ने सभी बैंकों एवं संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि पात्र लाभुकों को समय पर योजनाओं का लाभ मिले और जिले में वित्तीय समावेशन तथा ऋण प्रवाह में वृद्धि हो.
बीमा योजनाओं के लिए चलेगा विशेष अभियान
बैठक में जीविका समूहों के सदस्यों के बीच प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत विशेष नामांकन एवं नवीनीकरण अभियान चलाने पर बल दिया गया. सभी बैंकों को निर्देश दिया गया कि वे अपने ग्राहक सेवा केंद्रों को जीविका शिविरों में प्रतिनियुक्त करें, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोगों का नामांकन सुनिश्चित किया जा सके.
साइबर सुरक्षा और वित्तीय साक्षरता पर भी चर्चा
भारतीय रिजर्व बैंक के सहयोग से संचालित धनवार वित्तीय साक्षरता केंद्र परियोजना की भी समीक्षा की गई. एलडीएम के मार्गदर्शन में किशनगंज, पोठिया और टेढ़ागाछ में संचालित वित्तीय साक्षरता केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर ठगी से बचाव, सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग और बचत की आदत को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए.
बैठक के अंत में अपर समाहर्ता ने सभी विभागों और बैंकों से योजनाओं के शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने तथा लाभार्थियों तक समयबद्ध तरीके से योजनाओं का लाभ पहुंचाने की अपील की.
