दादा ने दो लाख रुपये में पोती को बेच दिया था, रेडलाइट से भागी युवती
किशनगंज : अपने सगे दादा द्वारा मात्र दो लाख रुपये में अपनी सगी पोती को जिस्म के सौदागरों के हाथों बेचे जाने का सनसनी खेज मामला प्रकाश में आया है. मामले का खुलासा गुरुवार दोपहर उस वक्त हुआ जब स्थानीय खगड़ा स्थित चकला घर संचालिका द्वारा जबरन युवती को देह व्यापार के धंधे में उतारने […]
किशनगंज : अपने सगे दादा द्वारा मात्र दो लाख रुपये में अपनी सगी पोती को जिस्म के सौदागरों के हाथों बेचे जाने का सनसनी खेज मामला प्रकाश में आया है. मामले का खुलासा गुरुवार दोपहर उस वक्त हुआ जब स्थानीय खगड़ा स्थित चकला घर संचालिका द्वारा जबरन युवती को देह व्यापार के धंधे में उतारने का प्रयास किया गया. युवती के धंधे में उतरने से इनकार किये जाने के बाद चकला घर संचालिका रंजना व उसके पति पप्पू मास्टर के साथ-साथ उसके बेटे भोलू के द्वारा हाथ पैर बांध कर बेहरमी से युवती की पिटाई किये जाने के बाद युवती मौका पाकर फरार हो
गयी और खगड़ा मेला चौक पहुंच गयी. युवती के फरार होने की जानकारी मिलते ही चकला घर संचालिका भी अपने गुर्गों के साथ मेला गेट पहुंच गयी और युवती को जबरन पकड़ कर उसे वापस ले जाने लगे. इस दौरान मची हो हंगामे के कारण घटनास्थल पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ इकट्ठी हो गयी. परंतु युवती पर हो रहे जुल्म के बावजूद भी लोग तमाशबीन बने रहे. ठीक उसी वक्त राह होकर गुजर रहे बीएसएफ जवान फरिश्ता बन कर वहां पहुंचा और एसडीपीओ कामिनी बाला को मोबाइल से घटना की
जानकारी दी. घटना की जानकारी मिलते ही एसडीपीओ व महिला थानाध्यक्ष महाश्वेता सिन्हा दल-बल के साथ फौरन घटनास्थल पर पहुंच गयी और पीड़िता को अपने कब्जे में लेकर उसकी निशानदेही पर रेड लाइट एरिया में छापेमारी भी की. परंतु पुलिस के पहुंचने की जानकारी पूर्व में ही मिल जाने के कारण आरोपी सहित पूरा रेड लाइट एरिया खाली हो चुका था. नतीजतन पुलिस को भी हाथ ही लौट जाना पड़ा. इधर नेपाल बीरगंज निवासी पीड़िता के बयान के आधार पर महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस मामले की छानबीन में जुट गयी.
अपनी आप बीती सुनाते हुए पीड़िता ने बताया कि कलिया बीरगंज में उसके पिता राजमिस्त्री का काम करते थे, जबकि दादा इस्लाम अंसारी बीड़ी बनाने का काम करते थे. दादा व पिता की मेहनत मजदूरी के बल पर परिवार का गुजर-बसर जैसे-तैसे हो जाता था. गत जनवरी माह में अचानक दादा इस्लाम अंसारी उसे काम दिला देने के बहाने बीरगंज से किशनगंज ले आया और रंजना के हाथों उसका सौदा महज दो लाख रुपये में कर दिया.
कुछ दिनों तक रंजना उससे झाड़ू पोछा का काम कराती रही फिर एक दिन उसे जबरन नशा खिला कर देह व्यापार के धंधे में उतार दिया. होश में आने के बाद जब उसने विरोध करना प्रारंभ किया तो रंजना व उसके पति पप्पू ने न केवल उसकी बेहरमी से पिटाई कर दी बल्कि कई कई दिनों तक उसे भूखा भी रखा जाने लगा. अंतत: पीड़िता जिंदा रहने की ललक में धंधे को तो मजबूरन अपना लिया परंतु फरार होने का मौका भी तलाशने लगी और अंतत: गुरुवार को मौका मिलते ही बदनाम गली से बाहर आ गयी.
