उत्तिष्ठत भगवान से गुंजायमान हुआ आंगन

शंख, घंटा की ध्वनि के उत्तिष्ठत भगवान की जयकारा से वातावरण गुंजायमान हो गया

खगड़िया. शनिवार को कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष एकादशी को देवउठान एकादशी मनाया गया. विभिन्न गंगा घाटों पर एकादशी स्नान को लेकर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही. शाम आंगन में महिलाओं ने अरिपन बनाया. साथ ही भक्तों ने भगवान विष्णु का आसन लगाया. कुश से भगवान विष्णु की आकृति बनाकर पूजा अर्चना किया. शंख, घंटा की ध्वनि के उत्तिष्ठत भगवान की जयकारा से वातावरण गुंजायमान हो गया. सभी भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया. मान्यता है कि आषाढ़ शुक्ल एकादशी से भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाते हैं. चार माह बाद कार्तिक शुक्ल एकादशी को जागृत होते हैं. इस अवधि को चातुर्मास कहा जाता है. जिसमें विवाह और मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं. देवउठान एकादशी पर श्रीहरि विष्णु के जागृत होने के बाद सभी शुभ कार्यों की पुनः शुरुआत हो जाती है.

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By RAJKISHORE SINGH

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