सड़क में की गयी अनियमितता मामले की जांच के लिए कमेटी गठित

अब तक सिर्फ मिट्टी भराई कार्य ही किया गया, काम अधर में लटका

खगड़िया. अलौली प्रखंड के दहमा खैरी खुटहा पंचायत में मनरेगा योजना द्वारा सड़क निर्माण में की गयी लूट खसौट मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय टीम गठित की गयी है. डीडीसी श्वेता भारती ने दो सदस्यीय कमेटी में मनरेगा के डायरेक्टर मनीष कुमार व एई को शामिल किया गया. जल्द ही सरकारी योजना के कार्यों में पंचायत सेवक, जेई मनरेगा व बिचौलिया द्वारा किए गए लूट मामले की जांच होगी. मामला उजागर होते ही लूट में शामिल मनरेगा से जुड़े अधिकारी व कर्मियों की पांव फुलने लगी है. सड़क सुविधा से वंचित ग्रामीणों ने बताया कि चंदा इकट्ठा कर कच्ची सड़क का निर्माण कराया था. लेकिन, मनरेगा से जुड़े कर्मियों व अधिकारी ने लाखों रूपये की राशि निकासी कर लिया है. पंचायत के सरपंच नीरज सिंह ने कहा कि खैरीडीह गांव में निर्मित कच्ची सड़क को दिखा कर रोजगार सेवक, कनीय अभियंता, पीओ द्वारा राशि की निकासी की गयी है. सड़क निर्माण में अनियमितता व भ्रष्टाचार बड़े पैमाने पर किया गया है. जिसमें कई बिचौलिया शामिल है. सरपंच ने कहा कि खैरीडीह में मनरेगा योजना से संबंधित मनरेगा कार्य करने का कोई साइन बोर्ड नहीं लगाया गया ताकि किसी ग्रामीण को योजना की भनक नहीं लगे. पहले से निर्मित कच्ची सड़क का फर्जी स्टीमेट बनाकर रुपये की निकासी की गयी है. ग्रामीणों द्वारा चंदा इकट्ठा कर 2500 फीट लंबा व 16 फीट चौड़ी सड़क पर मिट्टी भराया गया था. ग्रामीणों द्वारा बनाए गए कच्ची सड़क को मनरेगा योजना से स्वीकृत कर राशि की निकासी किया गया. सरपंच ने कहा कि मनरेगा में लूट का आलम यह है कि अपात्र व्यक्ति का जॉब कार्ड बनाया गया है. कमिशन का लालच देकर दबंग व्यक्ति द्वारा मनरेगा की राशि निकासी की गयी. मनरेगा मजदूर को मेट बनाकर फर्जी फोटो अपलोड किया गया है. पंचायत में ऐसे दर्जनों सरकारी योजना है जिसे पहले से बनायी गयी सड़क पर नई योजना बनाकर राशि की निकासी किया गया है. फर्जी उपस्थिति, फर्जी जॉब कार्ड, फर्जी मास्टर रॉल बनाकर कनीय अभियंता, मनरेगा रोजगार सेवक व पंचायत सेवक के मिलीभगत से डकार लिया गया है.

अब तक सिर्फ मिट्टी भराई कार्य ही किया गया, काम अधर में लटका

खैरीडीह गांव में लूट की छुट का आलम यह है कि 2500 फीट सड़क निर्माण के लिए मनरेगा से तीन योजना पास कराया गया. फिर राशि की निकासी की गयी. ग्रामीण अरूण कुमार, अनुपम कुमार, सरोज कुमार, अमरजीत कुमार, रोजो सिंह, प्रमोद सिंह, दिनेश महतो, महेश महतो सहित दर्जनों लोगो ने बताया कि कुश्वेश्वर सिंह घर से सत्संग आश्रम व गोहल सिंह के घर होते हुए महेन्द्र पंडित के मुख्य पथ तक चंदा कर मिट्टी भराई कार्य किया गया था. लगभग 2500 फीट लंबी व 16 फीट चौड़ी सड़क पर मिट्टी भराई के लिए ग्रामीणों द्वारा चंदा इकट्ठा किया गया था. लेकिन, मुखिया द्वारा मनरेगा से योजना पास करा लिया गया.पीओ, जेई, व अन्य अधिकारी ने मनरेगा का तीन योजना पास कर राशि का निकासी कर लिया है. बताया कि छह माह पूर्व मनरेगा मजदूरों के खाते पर रुपये भेजा गया. जब ग्रामीणों की सहयोग से मिट्टी भराई कार्य किया गया तो मनरेगा से राशि कैसे निकासी हो गयी.

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By RAJKISHORE SINGH

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