बैमोसम बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, किसानों के चेहरे के रंग उड़े

शनिवार को भी इलाके में झमाझम बारिश के साथ कनकनी बढ़ाती ठंड हवाए जारी थी

बेलदौर. प्रखंड क्षेत्र में मोंथा तूफान के असर से खेती-बाड़ी एवं चुनावी प्रचार प्रसार पर काफी प्रतिकुल असर दिख रहा है. शनिवार को भी इलाके में झमाझम बारिश के साथ कनकनी बढ़ाती ठंड हवाए जारी थी. इससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. वहीं खेतों में कटने को तैयार पके धान फसलों के गिरने से किसान हताश हो गए हैं. किसानों में राजकुमार शर्मा, पुलकित शर्मा, नंदलाल शर्मा, अशोक शर्मा, गिरधारी शर्मा, जवाहर शर्मा,अआमीर कुमार, कार्तिक लाल शर्मा, शैलेन्द्र वर्मा,विनय कुमार सिंह समेत दर्जनों किसानों ने बताया कि इस बार इलाका धान की लहलहाती फसल से पटा था, किसान धान की बेहतर उपज की उम्मीद से काफी उत्साहित थे, लेकिन अचानक आई मोंथा तूफान ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया. कुछ खेतों में कट चुकी फसल खलिहान में ही भीगकर बर्बाद हो रही है,शेष खेतों में लगे धान फसल कटनी की तैयारी में किसान जुटे ही थे मौसम के बैरूखी एवं झमाझम बारिश देख हताश हुए किसान मौसम साफ होने तक फसल कटनी रोक दी. हवा के साथ झमाझम बारिश में पके धान फसल खेतों में गिरकर डूब चुके हैं. तो वहीं उक्त मोंथा तूफान ने सब्जी उपजाने वालों किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है खेतों में लगी गोभी टमाटर बैगन मूली आदि की फसलों को भारी नुकसान हुआ है. इस संबंध में समाजसेवी ऋषभ कुमार ने बताया कि मोंथा तूफान का आसार से किसान चिंतित चल रहे हैं, कारण खेत में लगे धान की फैसले की बाली टूट कर जमीन पर गिर गया है, कटी हुई फासले बारिश के पानी में तैरने लगा है. इससे किसानों में मायूसी छाई हुई है. वही राजनीतिक दल के प्रत्याशी समेत जनप्रतिनिधियों ने मोंथा तूफान की चपेट में आने से नुकसान हुए फसल का सरकार से मुआवजे दिलाने का मांग किया. ताकि अन्नदाता को थोड़ी राहत मिल सके.

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By RAJKISHORE SINGH

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