धान के बिचड़ों को मिली संजीवनी, नगर पंचायत की लचर जलनिकासी व्यवस्था ने बढ़ायी लोगों की परेशानी
बेलदौर (खगड़िया). प्रखंड क्षेत्र में शुक्रवार की दोपहर बाद हुई झमाझम बारिश ने जहां धान उत्पादक किसानों के चेहरे पर मुस्कान ला दी, वहीं नगर पंचायत की बदहाल जलनिकासी व्यवस्था की पोल भी खोल दी. पहली तेज बारिश के बाद ही बेलदौर बाजार समेत ग्रामीण इलाकों की कई सड़कें जलमग्न हो गयीं और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. किसानों के लिए बारिश वरदान बनकर आयी. सिंचाई के अभाव में खेतों में मुरझा रहे धान के बिचड़ों को बारिश से नयी जान मिली है. लंबे इंतजार के बाद हुई अच्छी बारिश से किसानों को अब धान की खेती की उम्मीद जगी है.
बारिश के साथ ही नगर पंचायत की जलनिकासी व्यवस्था धराशायी हो गयी
इधर, बारिश के साथ ही नगर पंचायत की जलनिकासी व्यवस्था धराशायी हो गयी. बरसात पूर्व नालों की सफाई और जीर्णोद्धार नहीं होने के कारण नालियों का गंदा पानी भी सड़कों पर बहने लगा. बाजार की मुख्य सड़कों पर जलजमाव से लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. बरसात पूर्व तैयारी की खुली पोल स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष मानसून से पहले जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने का दावा किया जाता है लेकिन धरातल पर स्थिति जस की तस बनी रहती है.
ग्रामीणों ने जतायी नाराजगी
अगर समय रहते नालों की सफाई और जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त कर ली जाती तो बारिश लोगों के लिए परेशानी नहीं बल्कि राहत और खुशहाली लेकर आती. ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि मानसून की शुरुआत में ही जलजमाव की समस्या सामने आ गयी है. आगे तेज बारिश होने पर स्थिति और गंभीर हो सकती है. वहीं, गुरुवार देर रात हुई हल्की बारिश के बाद बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों की परेशानी और बढ़ गयी है. किसानों को मिली राहत आम लोगों के लिए आफत मानसूनी बारिश ने किसानों को राहत दी है. खासकर धान की खेती वाले किसानों के चेहरे खिल उठे. बारिश नहीं होने के कारण फसल खराब होने की स्थिति में आ रही थी. वहीं बारिश धान की फसल के लिये वरदान साबित हुई है.
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