लाखों खर्च के बाद भी नहीं शुरू हो पाई मिनी जलापूर्ति योजना

Published at :14 Oct 2015 9:07 PM (IST)
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लाखों खर्च के बाद भी नहीं शुरू हो पाई मिनी जलापूर्ति योजना

लाखों खर्च के बाद भी नहीं शुरू हो पाई मिनी जलापूर्ति योजना फोटो है 18 व 19 मेंकैप्सन- खंडहर में तब्दील जलापूर्ति के लिए बनाया गया भवन व बेकार पड़ा यंत्र – ठेकेदार की लापरवाही से कार्य अधूरा ग्रामीणों में पनप रहा आक्रोश गोगरी. राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजना के तहत सरकार द्वारा लाखों रुपये खर्च […]

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लाखों खर्च के बाद भी नहीं शुरू हो पाई मिनी जलापूर्ति योजना फोटो है 18 व 19 मेंकैप्सन- खंडहर में तब्दील जलापूर्ति के लिए बनाया गया भवन व बेकार पड़ा यंत्र – ठेकेदार की लापरवाही से कार्य अधूरा ग्रामीणों में पनप रहा आक्रोश गोगरी. राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजना के तहत सरकार द्वारा लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल नसीब नहीं हुआ है लोग आयरन युक्त जल पीने को मजबूर हैं. लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा 31 लाख 70 हजार रुपये की लागत से बनने वाली सौर ऊर्जा चालित मिनी जलापूर्ति योजना के तहत बासुदेवपुर पंचायत के शिशवा में बनने वाली योजनाओं का शिलान्यास लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के मंत्री दामोदर रावत ने 15 मई 2015 को किया गया था. लेकिन आज तक एक भी काम पूरा नहीं होने से योजना अधर में अटका हुआ है. जिससे ग्रामीणों में आक्रोश पनप रहा है. दूर-दराज गांवों में पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जलाशय विभाग द्वारा टंकी निर्माण, नए ट्यूब वैल हैंडपंप से लेकर पाइप लाइन डालने, बोरिंग खोदने का काम कराया गया. पूरे गांव में भी पाइप भी नहीं बिछाया गया है. टैंक का स्टैंड बना दिया गया है लेकिन टैंक नहीं लगाया गया है.शुद्ध जल नहीं हुआ नसीब लाखों रुपये खर्च हो जाने के बाद आज भी ग्रामीण शुद्ध जल के लिए तरस रहे हैं. गरमी के साथ ही जिले के ग्रामीण अंचलों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है.जंग खा रहे यंत्र योजना में काम में आने वाले पाइप को भी इधर उधर फेंक दिया गया है. टैंक को भी यूं ही खेतों में सड़ने के लिए छोड़ दिया गया है. जिसको देखने वाला कोई नहीं है. गरमी के आने के साथ ही गांवों में पानी की मारा मारी शुरू हो गई थी. गरमी भी चली गयी लेकिन अभी तक ग्रामीण सुबह से शाम तक पानी के जुगाड़ में लगे रहते हैं. ठेकेदार के द्वारा कार्य के प्रति लापरवाही बरतने के कारण भी पेयजल किल्लत का कारण बनी हुई है. कहते हैं कार्यपालक पदाधिकारी कार्यपालक पदाधिकारी उमा शंकर सिंह ने बताया कि जानकारी मिली है. जल्द ही अधूरे कार्य को पूरा कर जलापूर्ति शुरू की जायेगी.

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