पेट्रोल पंपों की जांच के लिए संयुक्त जांच टीम का गठन

Updated at : 02 Jul 2017 5:50 AM (IST)
विज्ञापन
पेट्रोल पंपों की जांच के लिए संयुक्त जांच टीम का गठन

गड़बड़ी पर अंकुश. राज्य सरकार ने लिया बड़ा फैसला यूपी में पेट्रोल पंप पर गड़बड़ी से सबक लेते हुए राज्य सरकार ने अहम फैसला लिया है. अब जिले में प्रत्येक शुक्रवार व शनिवार को संयुक्त जांच टीम पेट्रोल पंप की गहन जांच करेगी. खगड़िया : पेट्रोल पंपों पर गड़बड़ी रोकने के उद्देश्य से राज्य सरकार […]

विज्ञापन

गड़बड़ी पर अंकुश. राज्य सरकार ने लिया बड़ा फैसला

यूपी में पेट्रोल पंप पर गड़बड़ी से सबक लेते हुए राज्य सरकार ने अहम फैसला लिया है. अब जिले में प्रत्येक शुक्रवार व शनिवार को संयुक्त जांच टीम पेट्रोल पंप की गहन जांच करेगी.
खगड़िया : पेट्रोल पंपों पर गड़बड़ी रोकने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. सभी जिलों में मौजूद पेट्रोल पंपों की जांच के आदेश दिये गये हैं. इसी आदेश के तहत प्रत्येक जिले में एक-एक संयुक्त जांच टीम का गठित होगा. जो पेट्रोल पंपों की जांच करेगा. टीम में तेल कंपनी के क्षेत्रीय पदाधिकारी, माप तौल विभाग के पदाधिकारी,
कंपनी के राज्य स्तरीय एक पदाधिकारी के अलावे जिले के एक प्रशासनिक पदाधिकारी को शामिल किया जायेगा. राज्य के कृषि व नियंत्रक व विधिक माप विज्ञण के द्वारा 11 मई 2017 को जारी आदेश के आलोक में इस जिले के सभी डीजल व पेट्रोल पंपों की नियमित जांच के लिए संयुक्त जांच टीम का गठन किया गया है. जानकारी के मुताबिक इस जांच टीम में जिला स्तर से प्रतिनिधि के रूप में वरीय उपसमाहर्ता मुकेश कुमार सिन्हा को शामिल किया गया है.
सूत्र के मुताबिक सहायक नियंत्रक माप तौल निर्मल कुमार के पर्यवेक्षण में गठित इस जांच टीम में आइओसीएल के एक क्षेत्रीय पदाधिकारी, बीपीसीएल के एक क्षेत्रीय पदाधिकरी तथा एचपीसीएल के एक क्षेत्रीय पदाधिकारी मनीष कुमार, माप तौल निरीक्षक अजय कुमार पांडेय को इस जाच सदस्यीय जांच टीम में शामिल किया गया है.
यूपी से सबक लेकर उठाया गया कदम
यूपी के लखनऊ व इसके आसपास के पेट्रोल पंपों पर जांच के दौरान फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद बिहार सरकार के भी कान खड़े हो गये. इसके बाद पेट्रोल व डीजल वितरक पंपों की जांच कराने का निर्णय लिया गया. ताकि यह स्पष्ट हो पाये कि क्या यहां भी इस प्रकार के फर्जीवाड़े का खेल तो नहीं चल रहा है. उल्लेखनीय है कि यूपी में योगी सरकार बनने के कुछ ही दिनों बाद करीब 50 पेट्रोल व जल पंपों की जांच एसआइटी के द्वारा किया गया. जिसमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आयी थी.
कई जगहों पर पेट्रोल व डीजल पंप मालिकों ने तेल कंपनी के क्षेत्रीय पदाधिकारी के सहयोग से पंप मशीन में लगे चिप व डिवाइस को ही बदल दिया था. पेट्रोल व डीजल की चोरी करने के उद्देश्य से वहां चिप व डिवाइस बदले गये थे. जिससे पंप मालिक तो वाहन चालकों को कम पेट्रोल व डीजल देकर मालामाल हो रहे थे. लेकिन इसे खरीदने वाले को चूना लगा रहा था. हालांकि वहां छापेमारी के बाद कई पेट्रोल पंपों को सील कर दिया था. कुछ मालिकों को जेल भी भेजा गया.
सप्ताह में दो दिन होगी जांच
आदेश के आलोक में जिला स्तर पर गठित संयुक्त जांच टीम प्रत्येक सप्ताह में दो दिन पेट्रोल व डीजल वितरक पंपों की जांच करेगी. जांच टीम को शुक्रवार व शनिवार को पंपों पर जाकर वहां लगे चिप व डिवाइस सहित कई बिंदुओं पर जांच का आदेश दिया गया है. इन्हें जांच प्रतिवेदन भी सौंपने को कहा गया है. जांच टीम को सहयोग देने के लिए इनके साथ पुलिस पदाधिकारी व पुलिस बल भी रहेंगे. जिसके लिए एसपी को पत्र लिखा गया है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन