अररिया-गलगलिया बीजी लाइन परियोजना का सीआरएस ने किया निरीक्षण

अररिया-गलगलिया बीजी लाइन परियोजना का सीआरएस ने किया निरीक्षण

कटिहार कटिहार रेल मंडल के बहुप्रतीक्षित 110.75 किलोमीटर लंबी अररिया-गलगलिया ब्रॉड गेज लाइन परियोजना अपने अंतिम चरण में पहुंच गयी है. इसे चालू करने के लिए रेल संरक्षा आयुक्त ने वैधानिक निरीक्षण 9 जुलाई से शुरू कर दिया है. इसका निरीक्षण और कमीशनिंग प्रक्रिया 11 जुलाई को समाप्त होगा. यह निरीक्षण इस रेल परियोजना के पूरा होने में एक महत्वपूर्ण माइलस्टोन है, उद्देश्य बिहार और आसपास के क्षेत्रों में रेल कनेक्टिविटी और परिचालन दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि करना है. सीआरएस प्राधिकरण प्राप्त होते ही, यह मार्ग सुरक्षित और पूर्ण ट्रेन परिचालन के लिए तैयार हो जायेगा.एनएफ रेलवे के जी एम अरुण कुमार चौधरी ने कुछ दिनों पूर्व एक विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण किया था, जिसमें बुनियादी ढांचे के कार्यों की समग्र प्रगति की समीक्षा की गई थी. उल्लेखनीय है कि अररिया-अररिया कोर्ट-रहमतपुर (8.24 कि.मी.) और पौआखाली-ठाकुरगंज (23.24 किमी) सेक्शन क्रमशः अप्रैल और नवंबर 2024 में चालू किए गए थे. रहमतपुर-पौआखाली (79.27 कि.मी.) का अंतिम सेक्शन अब चालू होने की प्रतीक्षा में है, जिससे संपूर्ण कॉरिडोर पूरा हो जायेगा. 64 बड़े पुल, 264 छोटे पुल और 15 नए रेलवे स्टेशन है अररिया-गलगलिया परियोजना, एक प्रमुख बुनियादी संरचना पहल है. इस परियोजना में 64 बड़े पुल, 264 छोटे पुल और 15 नए रेलवे स्टेशनों का निर्माण शामिल है, जो इस परियोजना के इंजीनयरी पैमाने और जटिलता को रेखांकित करते है. ये घटक इस लाइन की परिचालनिक रीढ़ हैं, जो पूरे क्षेत्र में सुदृढ़ कनेक्टिविटी, संरक्षा और सेवा दक्षता सुनिश्चित करते हैं.

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By Rajkishor k

राजकिशोर प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के कटिहार कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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