कैमूर : मोहनिया अस्पताल की एंबुलेंस सेवा खस्ताहाल, दो खराब और चारों के टायर जर्जर, मरीजों की सुरक्षा पर सवाल

मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल में चार में से दो एम्बुलेंस खराब हैं और सभी के टायर जर्जर हो चुके हैं। मरीजों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने मांगी कार्रवाई।

मोहनिया शहर स्थानीय अनुमंडलीय अस्पताल में एंबुलेंस व्यवस्था की बदहाल स्थिति सामने आयी है. अस्पताल में उपलब्ध चार एंबुलेंस में से दो खराब होने के कारण लंबे समय से खड़ी हैं. वहीं, चारों एंबुलेंस में स्टेपनी नहीं है और टायर भी जर्जर स्थिति में हैं. ऐसे में मरीजों की आपातकालीन सेवा के दौरान हादसे की आशंका बनी हुई है.

मोहनिया अस्पताल की दो एंबुलेंस खराब

अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक ने 21 अगस्त को सिविल सर्जन-सह-सचिव, जिला स्वास्थ्य समिति, कैमूर को पत्र भेजकर एंबुलेंस व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की है. पत्र के अनुसार, अस्पताल की चार एंबुलेंस में से दो खराब हैं. वहीं, सभी चार एंबुलेंस में स्टेपनी उपलब्ध नहीं है.

दो एंबुलेंस का एसी भी खराब

पत्र में बताया गया है कि दो एंबुलेंस का एसी पिछले करीब दो माह से खराब है. इसके अलावा एंबुलेंस के स्टेचर और सीट भी टूटे हुए हैं. सबसे गंभीर स्थिति चारों एंबुलेंस के टायरों की बतायी गयी है, जो जर्जर अवस्था में हैं. इससे मरीजों को अस्पताल से रेफर करने के दौरान परेशानी बढ़ सकती है.

एंबुलेंस से संपर्क नहीं होने पर बढ़ी चिंता

21 अगस्त को मोहनिया थाना प्रभारी ने दूरभाष के माध्यम से अस्पताल प्रबंधन को सूचना दी कि करीब एक घंटे से एंबुलेंस से संपर्क नहीं हो पा रहा है. अस्पताल प्रशासन ने इस घटना को गंभीर मानते हुए आपातकालीन एंबुलेंस सेवा की स्थिति को लेकर चिंता जतायी है.

15 दिनों से संचालक से किया जा रहा था संपर्क

उपाधीक्षक के अनुसार, पिछले करीब 15 दिनों से राज्य एंबुलेंस-102 के संचालक दीपक श्रीवास्तव से एंबुलेंस की समस्याओं को लेकर संपर्क किया जा रहा था. इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका. जिला स्तर के एसीओ से संपर्क करने पर उनके व्यवहार को लेकर भी उपाधीक्षक ने आपत्ति जतायी है.

चारों 102 एंबुलेंस की मरम्मत की मांग

अस्पताल उपाधीक्षक ने सिविल सर्जन से संस्थान के अंतर्गत संचालित सभी 102 एंबुलेंस की तत्काल मरम्मत कराने के लिए संबंधित एजेंसी को निर्देश देने का अनुरोध किया है. साथ ही जिला एसीओ के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की मांग की गयी है. पत्र की प्रतिलिपि जिला पदाधिकारी कैमूर और अनुमंडल पदाधिकारी मोहनिया को भी भेजी गयी है.

मरीजों की सुरक्षा पर उठे सवाल

एंबुलेंस जैसी महत्वपूर्ण आपातकालीन सेवा के वाहनों की खराब स्थिति सामने आने के बाद मरीजों की सुरक्षा और समय पर रेफरल को लेकर सवाल खड़े हो गये हैं. अब स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर नजर है कि वह एंबुलेंस व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कितनी जल्दी कदम उठाता है.

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By विनोद कुमार सिंह

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