Kaimur News : टीचर ऑफ द मंथ पुरस्कार से नवाजे गये जिले के चार शिक्षक

शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य व प्रदर्शन करने पर मंगलवार को जिले के चार शिक्षकों को टीचर ऑफ द मंथ पुरस्कार से सम्मानित किया गया.

भभुआ नगर. शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य व प्रदर्शन करने पर मंगलवार को जिले के चार शिक्षकों को टीचर ऑफ द मंथ पुरस्कार से सम्मानित किया गया. विभागीय निर्देश के आलोक पर मंगलवार को मध्याह्न भोजन कार्यालय में एमडीएम डीपीओ शंभू प्रसाद ने शिक्षकों को प्रमाण पत्र देकर उनके कार्य की सरहाना की. दरअसल, जिले के विद्यालयों में पठन-पाठन की व्यवस्था को बेहतर करने व प्रखंड शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के लिए विभाग द्वारा एक कार्य योजना बनायी गयी है. यहां इस कार्य योजना के तहत प्रत्येक महीने अपर मुख्य सचिव के निर्देश पर विद्यालय में बेहतर कार्य करने वाले प्रधानाध्यापक व शिक्षकों को सम्मानित किया जाना है. इसी कड़ी के तहत शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के निर्देश पर अप्रैल महीने के लिए टीचर ऑफ द मंथ के लिए जिले के चार शिक्षकों प्राथमिक विद्यालय इंग्लिशपुर के शिक्षक मृत्युंजय पाठक, प्राथमिक विद्यालय बखारबांध की प्रधानाध्यापिका विजय कुमारी, मध्य विद्यालय आरा की शिक्षिका संगीता कुमारी व रामगढ़ प्रखंड के कलानी विद्यालय के प्रधानाध्यापक चंद्रभूषण कुमार को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया. गौरतलब है कि प्रदेश में शिक्षा का माहौल सुधारने के लिए विभाग द्वारा इसकी शुरुआत की गयी है. विभाग का उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने शिक्षकों को सम्मानित करते हुए प्रोत्साहित करना है. इधर, विभाग द्वारा किये गये इस प्रयास से शिक्षक और बेहतर करने प्रयास कर रहे हैं, जिसके कारण विद्यालयों में शिक्षा में सुधार भी हो रहा है. = विभाग की पहल से शिक्षकों में खुशी का माहौल शिक्षा विभाग की इस पहल से जिले के शिक्षक वर्ग में उत्साह का माहौल है. शिक्षकों का मानना है कि इस प्रकार के पुरस्कार न केवल उनके कार्यों की सराहना करते हैं, बल्कि उन्हें और अधिक समर्पित होकर विद्यार्थियों के भविष्य संवारने के लिए प्रेरित भी करते हैं. गौरतलब है कि ‘टीचर ऑफ द मंथ’ योजना की शुरुआत प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और स्कूलों में पढ़ाई के स्तर को ऊंचा उठाने के उद्देश्य से की गयी है. विभाग का मानना है कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों की पहचान कर और उन्हें उचित सम्मान देने से शैक्षणिक वातावरण में सकारात्मक बदलाव आयेगा. = क्या कहते हैं शिक्षक –प्रशस्ति पत्र से सम्मानित होने वाले शिक्षक मृत्युंजय पाठक ने कहा मेरे द्वारा विद्यालय में नवाचार के माध्यम से छात्रों का शिक्षण कार्य कराया जाता है. ऑनलाइन व ऑफलाइन मोड में एफएलएन किट का उपयोग करने के लिए छात्रों को बताया जाता है. इसके साथ ही विद्यालय स्तर पर चहक कार्यक्रम के तहत छात्रों में रुचि पैदा करने, निपुण भारत सहित छात्रों में सीखने के प्रति अभिरुचि उत्पन्न करने सहित कई कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों को रोचक ढंग ये पढ़ाया जाता है. साथ ही शिक्षक ने कहा कि यह सम्मान केवल मुझे नहीं मिला है बल्कि पूरे शिक्षा जगत को मिला है. सभी शिक्षक मेहनत व लगन से कार्य करें और इस प्रशस्ति पत्र के भागीदार बने, इसके लिए भी यह प्रमाण पत्र प्रोत्साहित करता है. = प्रधानाध्यापिका विजय कुमारी ने कहा परिश्रम का यह फल मुझे मिला है. मैं 2007 से ही विद्यालय में कार्यरत हूं. प्रतिदिन अलग-अलग माध्यम से बच्चों को पढ़ाई के प्रति अभिरुचि पैदा करने के लिए प्रयास करती हूं. घर-घर जाकर भी छात्रों को पढ़ाई के लिए जागरूक किया जाता है. छात्रों को पढ़ाई के प्रति अभिरुचि पैदा करने के लिए विद्यालय में कई तरह के कार्यक्रम मेरे द्वारा चलाया जा रहा है.

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