सरकारी भूमि को लेकर सरकार सख्त, प्रत्येक अंचल में लैंड बैंक बनाने का निर्देश

KAIMUR NEWS.सरकारी जमीन को लेकर राज्य सरकार व राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने सभी जिलों के डीएम को पत्र जारी कर निर्देश दिया है कि पांच एकड़ या उससे अधिक जो भी सरकारी भूमि है, उसको चिह्नित कर लैंड बैंक बनाया जाये.

सरकारी भूमि को चिह्नित कर अपने कब्जे में लेने के लिए प्रत्येक सप्ताह डीएम को बैठक करने का निर्देशउद्योग के लिए पांच एकड़ से अधिक भूमि का राज्य सरकार बनवा रही है लैंड बैंक प्रतिनिधि, भभुआ कार्यालय.

सरकारी जमीन को लेकर राज्य सरकार व राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने सभी जिलों के डीएम को पत्र जारी कर निर्देश दिया है कि पांच एकड़ या उससे अधिक जो भी सरकारी भूमि है, उसको चिह्नित कर लैंड बैंक बनाया जाये. सरकार राज्य में औद्योगीकरण को बढ़ावा देना चाहती है. इसके लिए सभी जिला व अंचलों में जमीन की आवश्यकता है, जो भी जमीन कैडस्ट्रल सर्वे में सरकारी जमीन के रूप में अंकित है और उसकी विधि सम्मत बंदोबस्ती नहीं की गयी है, तो वैसे जमीन को तत्काल चिह्नित कर उसका लैंड बैंक बनाना सुनिश्चित करेंगे और इस कार्य की समीक्षा प्रतीक सप्ताह डीएम स्वयं प्राथमिकता के आधार पर करेंगे.

अतिक्रमित सरकारी जमीन को मुक्त कराने का आदेश

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव ने स्पष्ट रूप से आदेश दिया है कि जो भी जमीन कैडस्ट्रल सर्वे में सरकारी जमीन के रूप में अंकित है और उसकी विधि सम्मत बंदोबस्ती नहीं की गयी है, तो कैडस्ट्रल सर्वे के अनुसार उसे हमेशा सरकारी जमीन ही माना जायेगा. अगर उस जमीन पर किसी तरह का कोई अतिक्रमण है, तो उस पर अतिक्रमणवाद चलाकर उसे अतिक्रमण से मुक्त करना है. अंचल में कितनी सरकारी जमीन चिह्नित हैं, कौन सा जमीन किस नेचर का है, वर्तमान में उसकी क्या स्थिति है, कितने जमीन पर अतिक्रमण है और कितने जमीन काे अतिक्रमण मुक्त कराया गया. इन सभी कार्यों की प्रत्येक सप्ताह डीएम को समीक्षा करनी है और राज्य में औद्योगीकरण को बढ़ावा देने के लिए लैंड बैंक बनाने के काम को प्राथमिकता के आधार पर करना है. कुल मिलाकर प्रधान सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त करने की प्रक्रिया को उच्च प्राथमिकता देना है.

उद्योग लगाने के लिए सरकारी जमीन की तलाश हुई तेज

राज्य में उद्योग लगाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है और इसके लिए बड़े पैमाने पर जमीन की आवश्यकता है. इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने उद्योग लगाने के लिए सरकारी जमीन उपलब्ध कराने को लेकर कार्रवाई तेज कर दी है. सरकार की मंशा है कि प्रत्येक अंचल में कितनी जमीन सरकारी है, इसका पहले पता लगाकर उसका एक लैंड बैंक बना लिया जाये, उसके बाद जमीन की उपलब्धता के अनुसार उद्योग लगाने के लिए जमीन उपलब्ध करायी जायेगी, सरकार इसे काफी गंभीरता से ले रही है.

प्रधान सचिव के निर्देश पर सभी अंचलाधिकारियों से मांगी गयी रिपोर्ट

प्रधान सचिव के पत्र पर जिला प्रशासन भी एक्टिव हो गया है. डीएम और एडीएम ने सभी अंचल के अंचलाधिकारियों को पत्र लिखकर उनसे उनके क्षेत्र में कितनी सरकारी जमीन है, पांच एकड़ से अधिक कितनी सरकारी जमीन है, उनकी वर्तमान में स्थिति क्या है, वह किस मौजा में मौजूद है, उसका खाता और प्लॉट नंबर कितना है. वर्तमान में वह अतिक्रमित है या अतिक्रमण मुक्त है, उस पर किसी तरह का न्यायालय में मामला तो नहीं चल रहा है या किसी तरह का कोई वाद तो नहीं है. यह सारी रिपोर्ट मांगी गयी है. इस रिपोर्ट के आधार पर सरकारी जमीन को मुक्त करा कर लैंड बैंक बनाने की कार्रवाई की जायेगी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: VIKASH KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >