फोटो अंचल सह प्रखंड कार्यालय लिखित आश्वासन पर अड़े कर्मचारी, सरकार दे रही मौखिक भरोसा लेवल दो से पांच में अपग्रेड व पदनाम परिवर्तन की मांग प्रतिनिधि, मोहनिया सदर. अपनी 17 सूत्री मांगों को लेकर अंचल में पदस्थापित राजस्व कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल 16वें दिन भी जारी है. हड़ताल के कारण अंचल कार्यालयों से जुड़े लगभग सभी कार्य प्रभावित हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.सरकार व राजस्व कर्मियों के बीच दो बार वार्ता हो चुकी है, लेकिन कोई ठोस परिणाम नहीं निकल सका है. कर्मियों का कहना है कि उन्हें सरकार के मौखिक आश्वासन पर भरोसा नहीं है. वे अपनी मांगों पर लिखित आश्वासन चाहते हैं, जबकि सरकार फिलहाल मौखिक सहमति की बात कर रही है. इस टकराव के बीच आमजन पिस रहे हैं.राजस्व कर्मियों की प्रमुख मांग है कि उन्हें लेवल दो से लेवल पांच (ग्रेड पे 2800) में अपग्रेड किया जाये. उनका कहना है कि वर्तमान में वे कई पंचायतों का प्रभार संभाल रहे हैं और जमीन से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों का निष्पादन करते हैं. कार्य के बोझ, जिम्मेदारी व दबाव के अनुरूप वर्तमान वेतनमान काफी कम है.कर्मियों की यह भी मांग है कि उनके पद का नाम बदलकर ‘सहायक राजस्व अधिकारी’ किया जाये, ताकि उनकी भूमिका के अनुरूप गरिमा सुनिश्चित हो सके. उनका कहना है कि वे नियमित कार्यालय समय के अलावा राजपत्रित छुट्टियों में भी कार्य करने को विवश हैं. पर्याप्त संसाधन जैसे लैपटॉप, इंटरनेट व प्रिंटर की कमी के बीच काम का मानसिक व शारीरिक दबाव बढ़ता जा रहा है.राजस्व कर्मियों का तर्क है कि लेवल 05 में अपग्रेड होने से उन्हें बेहतर वेतन मिलेगा, जिससे जीवन स्तर में सुधार होगा और कार्य के प्रति प्रेरणा बढ़ेगी. वार्ता विफल रहने के बाद बिहार के लगभग 4000 राजस्व कर्मियों ने आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है.कर्मियों का कहना है कि उनकी मांग कार्य की कठिन प्रकृति, बढ़ते दबाव व सेवा की गरिमा के अनुरूप उचित वेतन की है, जिसे सरकार अब तक अनसुना कर रही है.
राजस्वकर्मियों की हड़ताल 16वें दिन भी जारी, अंचल के कार्य ठप
kaimur news.अपनी 17 सूत्री मांगों को लेकर अंचल में पदस्थापित राजस्व कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल 16वें दिन भी जारी है.
