कैमूर (रामपुर) से राजू कुमार की रिपोर्ट
Bharat Tiwari Encounter : बिहार में चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर अब प्रदेश भर में विरोध का स्वर तेज होता जा रहा है. अलग-अलग जिलों में कैंडल मार्च का दौर शुरू हो गया है और भरत तिवारी को न्याय दिलाने के लिए लोग अब सड़कों पर उतरने लगे हैं. पटना, सीतामढ़ी, औरंगाबाद और बेगूसराय के बाद अब इसका असर कैमूर में भी साफ तौर पर देखने को मिला है.
रविवार को देर शाम कैमूर जिले के रामपुर प्रखंड अंतर्गत अकोढ़ी गांव में भी कैंडल मार्च निकाला गया, जो अब इस आंदोलन का नया केंद्र बनता दिख रहा है. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर भरत तिवारी को श्रद्धांजलि दी. साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की. लोगों का आरोप है कि भरत तिवारी ने आत्मसमर्पण कर दिया था, इसके बावजूद उनकी हत्या कर दी गई, जो गंभीर जांच का विषय है.
चार सूत्री मांग रखी गई
प्रदर्शनकारियों ने सरकार और प्रशासन के समक्ष चार प्रमुख मांगें रखीं. इनमें दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने, स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने, मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग शामिल है.
नारेबाजी से गूंजा इलाका
कैंडल मार्च के दौरान “भरत तिवारी अमर रहे” के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा. प्रदर्शनकारियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की. बड़ी संख्या में युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और प्रभावी बना दिया.
हर दिन निकल रहा कैंडल मार्च
शनिवार को औरंगाबाद और बेगूसराय में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा, जहां सैकड़ों की संख्या में लोगों ने सड़कों पर उतरकर कैंडल मार्च निकाला और “भरत तिवारी अमर रहे” के नारे लगाए. इससे पहले रविवार को पटना में जन सुराज की ओर से कैंडल मार्च निकालकर एसपी और डीएसपी को निलंबित करने और उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए. वहीं सोमवार को सीतामढ़ी में भी लोगों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए न्याय की मांग उठाई.
नेताओं ने दी चेतावनी
युवा नेता नितेश उर्फ लक्ष्मण दुबे ने कहा कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि भरत तिवारी क्षेत्र के विकास और न्याय के लिए संघर्ष कर रहे थे और सरकार को उनके अधूरे कार्यों पर भी ध्यान देना चाहिए. वहीं भाजपा नेता तिलेश्वर दुबे ने भी कहा कि वे पार्टी से जुड़े होने के बावजूद इस मामले में निष्पक्ष जांच के पक्षधर हैं. उन्होंने कहा कि अगर यह फर्जी एनकाउंटर है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. कार्यक्रम के अंत में प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द न्याय सुनिश्चित करने की मांग की. कैंडल मार्च शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ. इस मौके पर दिव्यांशु सिंह चंदेल, पीयूष सिंह, धवन कुमार दुबे, प्रीतम दुबे, पवन दुबे, मृत्युंजय कुमार समेत दर्जनों लोग मौजूद रहे.
