जहानाबाद से संजय अनुराग की रिपोर्ट
Jehanabad News : शहर में दो से तीन साल पहले खुले नंगे तार को बदलकर अधिकांश बिजली के पोलों पर कवर्ड वायर और डीपी लगाए गए थे, ताकि कोई भी अवैध कनेक्शन न जोड़ा जा सके. शुरू में विद्युत विभाग ने दावा किया था कि अब पोल पर फॉल्ट नहीं के बराबर होंगे. कुछ दिन तो सब कुछ ठीक-ठाक चला, किंतु बाद में जब किसी उपभोक्ता का कनेक्शन डीपी में फॉल्ट के कारण स्पार्क कर उसका सॉकेट जल जाता, तो उसे छोड़कर कनेक्शन डायरेक्ट तार में जोड़ दिया जाता था. कभी भी डीपी की मरम्मत नहीं कराई गई और न ही नए उपभोक्ताओं के लिए नई डीपी लगाई गई, जिसके कारण डीपी खराब और कम होती गईं.
बिजली पोलों पर डीपी बनी शोभा की वस्तु
दो-तीन वर्षों में ही शहर के ज्यादातर डीपी या तो खराब हो गए या उनमें दो-चार कनेक्शन के ही सॉकेट बचे हैं. अब हाल यह है कि शहर के पोल पर बिजली के तार के मकड़जाल लगे हैं और डीपी केवल शोभा की वस्तु बनी हुई है. उपभोक्ताओं की संख्या के मुकाबले भी डीपी बहुत कम है. शहर के अधिकांश पोलों पर ज्यादातर विद्युत उपभोक्ताओं के कनेक्शन खुले में डायरेक्ट तार से जोड़ दिए गए हैं, जिससे कार्बन लगने, स्पार्क होने और शॉर्ट सर्किट होने का खतरा ज्यादा बना रहता है. उपभोक्ता लगातार इसके शिकार हो रहे हैं.
पिछले रविवार को ही शहर के शिवाजी पथ स्थित बिजली के तार के इसी मकड़जाल में अचानक शॉर्ट सर्किट से आग लग गई, जिसके कारण आग की चिंगारी सड़क पर गिरने लगी और वहां भगदड़ मच गई. गनीमत रही कि आसपास के लोगों ने बिजली विभाग को सूचना देकर लाइन कटवा दी और पानी डालकर जल रहे कवर्ड वायर को बुझा दिया, वरना बड़ा हादसा हो सकता था.
बिजली कनेक्शन ढूंढने में छूटते हैं पसीने
विद्युत पोलों पर तारों का ऐसा जंजाल है कि जब विद्युत कर्मी पोल पर चढ़कर किसी उपभोक्ता के खराब कनेक्शन की मरम्मत करते हैं, तो उन्हें कनेक्शन ढूंढने में ही लाइनमैन के पसीने छूट जाते हैं. इस दौरान जब कभी तेज हवा चलती है तो कनेक्शन और बिजली के तार हवा में झूलते और आपस में टकराते नज़र आते हैं. इसी कारण अब आंधी-पानी के बाद शहर में बड़े पैमाने पर बिजली गुल होने और फॉल्ट होने की शिकायत मिलती है. यह मकड़जाल फिर से पुराने दिनों की याद दिला देता है जब वैध और अवैध उपभोक्ता की पहचान करना मुश्किल हो जाता था.
क्या कहते हैं जिम्मेदार
जहानाबाद के कार्यपालक विद्युत अभियंता डॉ. नंदलाल चौधरी ने बताया कि शहर में बिजली के पोलों पर लगी कुछ डीपी खराब है. पर्याप्त संख्या में डीपी मौजूद है. अभी भीषण गर्मी के दौरान लोड शेडिंग कर डीपी लगाने से उपभोक्ता बेहाल हो जाएंगे. मौसम में सुधार होते ही नई डीपी लगा दी जाएगी.
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