Jehanabad News: रतनी प्रखंड क्षेत्र के शकूराबाद बाजार स्थित रामाश्रय प्रसाद सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से करीब दो वर्षों से गायब एंबुलेंस गुरुवार रात अचानक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रतनी पहुंच गई. एंबुलेंस के अस्पताल पहुंचते ही इसके गायब रहने और मरम्मत के नाम पर हुए खर्च को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं.
जानकारी के अनुसार एल्केम लैबोरेट्री दवा कंपनी ने स्व. नन्हामती देवी की स्मृति में जिले के कई अस्पतालों को मरीजों की सुविधा के लिए एंबुलेंस उपलब्ध कराई थी. इनमें से एक एंबुलेंस शकूराबाद स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को मिली थी. तकनीकी खराबी आने के बाद यह वाहन लंबे समय तक अस्पताल परिसर में खड़ा रहा और बाद में मरम्मत के नाम पर अस्पताल से बाहर चला गया. तब से यह एंबुलेंस करीब दो वर्षों तक अस्पताल से गायब रही.
मामले की जानकारी जब मीडिया तक पहुंची और स्वास्थ्य कर्मियों से पूछताछ शुरू हुई तो किसी के पास एंबुलेंस की स्पष्ट जानकारी नहीं थी. सूत्रों के अनुसार कार्रवाई की आशंका के बाद एंबुलेंस को रातों-रात प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रतनी में लाकर खड़ा कर दिया गया.
मरम्मत पर खर्च, फिर भी एंबुलेंस बदहाल
बताया जा रहा है कि एंबुलेंस की मरम्मत के नाम पर लगभग 30 हजार रुपये खर्च किए गए. इसके बावजूद वाहन की स्थिति खराब बनी हुई है. एंबुलेंस के दो शीशे टूटे हुए हैं और बैटरी भी गायब है. ऐसे में यह मरीजों के उपयोग के योग्य नहीं दिख रही है.
निजी उपयोग के आरोप
स्थानीय सूत्रों का दावा है कि एंबुलेंस को जहानाबाद शहर में डीएम आवास के आसपास स्थित किसी निजी नर्सिंग होम में इस्तेमाल किया जा रहा था. हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है. वहीं वाहन पर अब तक नंबर प्लेट नहीं होने से भी सवाल उठ रहे हैं. आशंका जताई जा रही है कि वाहन का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया था.
जांच की बात कह रहा अस्पताल प्रबंधन
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रंजीत कुमार ने बताया कि एंबुलेंस को लगभग एक वर्ष पहले मरम्मत के लिए गैराज भेजा गया था, लेकिन बिना पूरी तरह ठीक हुए ही वापस अस्पताल पहुंची है. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और वाहन की स्थिति का आकलन किया जाएगा.
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