जहानाबाद: नाबालिग का अपहरण-बलात्कार और बेचने की सनसनीखेज मामले में दो को उम्रकैद

Jehanabad Crime News : जहानाबाद की पॉक्सो अदालत ने नाबालिग के अपहरण, दुष्कर्म और उसे बेचने के मामले में दो दोषियों को आजीवन कारावास और दो अन्य को 20-20 वर्ष की सजा सुनाई है. वर्ष 2023 के इस मामले में अदालत ने पीड़िता को 6.5 लाख रुपये अनुदान देने का भी आदेश दिया.

Jehanabad Crime News : (संजय अनुराग की रिपोर्ट) नाबालिग लड़की का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने और बाद में उसे बेच देने के सनसनीखेज मामले में पॉक्सो न्यायालय ने चार दोषियों को कड़ी सजा सुनाई है. पॉक्सो न्यायालय जहानाबाद के न्यायाधीश सुनील कुमार सिंह ने गुरुवार को फैसला सुनाते हुए दो दोषियों को आजीवन कारावास तथा दो अन्य को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा दी. घटना के करीब तीन वर्ष बाद इस मामले में न्याय मिला है।

दो दोषियों को आजीवन कारावास और अर्थदंड

न्यायालय ने अरवल जिले के कुर्था थाना क्षेत्र के धरमपुर निवासी संतोष कुमार को आजीवन कारावास और 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई. वहीं मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के देवपुरा नागर निवासी मदन लाल ब्यास को आजीवन कारावास, 70 हजार रुपये अर्थदंड तथा 20 वर्ष के अतिरिक्त कठोर कारावास की सजा दी गई. अर्थदंड नहीं चुकाने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी.

पति-पत्नी को 20-20 वर्ष का कठोर कारावास

मामले में गया जिले के अतरी थाना क्षेत्र के नाराबत गांव निवासी मनोज कुमार उर्फ मुनता साव और उसकी पत्नी नीलम देवी को भी दोषी करार देते हुए भादवि की धारा 370(4) एवं पॉक्सो अधिनियम की धारा 4/17 के तहत 20-20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई. दोनों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है.

2023 में दर्ज हुआ था मामला

विशेष लोक अभियोजक मुकेश नंदन वर्मा ने बताया कि मखदुमपुर थाना कांड संख्या 694/23 के तहत यह मामला दर्ज किया गया था. पीड़िता के पिता ने प्राथमिकी में कहा था कि उनकी नाबालिग बेटी 3 नवंबर 2023 की सुबह पढ़ने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी. खोजबीन के दौरान जानकारी मिली कि उसे बहला-फुसलाकर ले जाया गया है.

दुष्कर्म के बाद मध्य प्रदेश में बेच दिया गया था

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि संतोष कुमार ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया और बाद में मनोज कुमार, नीलम देवी तथा अन्य लोगों की मदद से उसे मध्य प्रदेश के मदन लाल ब्यास के हाथों बेच दिया. करीब एक माह बाद पुलिस ने पीड़िता को मध्य प्रदेश से बरामद किया था. मामले में आधा दर्जन गवाहों की गवाही और लंबी सुनवाई के बाद न्यायालय ने दोषियों को सजा सुनाई.

पीड़िता को मिलेगा 6.50 लाख रुपये का मुआवजा

न्यायालय ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार को निर्देश दिया है कि पीड़िता को 6 लाख 50 हजार रुपये की अनुदान राशि उपलब्ध कराई जाए, ताकि उसके पुनर्वास और सहायता में मदद मिल सके.

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लेखक के बारे में

Published by: Nikhil Anurag

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर पलायन कर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.

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