Hajipur TB-Free Campaign : बिहार के हाजीपुर जिले ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक शानदार उपलब्धि हासिल की है. स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की दिन-रात की मेहनत से वैशाली जिला 'टीबी मुक्त भारत अभियान' में राज्य के अग्रणी जिलों में शुमार हो गया है. जिले ने टीबी स्क्रीनिंग में 270 प्रतिशत की रिकॉर्ड सफलता दर्ज कर एक मिसाल पेश की है. प्रशासन के इस सफल मॉडल की अब हर तरफ चर्चा हो रही है.
पंचायत से लेकर ब्लॉक तक चला मिशन मोड अभियान
वैशाली जिले के सभी प्रखंडों और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर इस स्वास्थ्य अभियान को पूरी तरह से मिशन मोड में चलाया जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी, डॉक्टर, आशा कार्यकर्ता, एएनएम और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) ने मिलकर जमीनी स्तर पर मोर्चा संभाला. इन सभी स्वास्थ्यकर्मियों और जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों से ही जिले ने यह मुकाम हासिल किया है.
मरीजों की समय पर पहचान और पोषण पर जोर
इस अभियान की सफलता का सबसे बड़ा कारण टीबी मरीजों की समय पर पहचान करना रहा है. प्रशासन ने मरीजों की पहचान होते ही तुरंत उनका उपचार शुरू किया और उन्हें आवश्यक पोषण सहायता दी. इस पूरी प्रक्रिया में सामुदायिक सहभागिता ने संजीवनी का काम किया, जिससे मरीजों को गंभीर बीमारी से लड़ने में काफी मानसिक और शारीरिक मदद मिली.
स्क्रीनिंग में 270 फीसदी का जादुई आंकड़ा पार
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार, जिले ने टीबी स्क्रीनिंग के मामले में 270 प्रतिशत की बेमिसाल उपलब्धि हासिल की है. इसके अलावा, टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट में 53 प्रतिशत और डिफरेंशिएटेड टीबी केयर में 97 प्रतिशत का लक्ष्य सफलतापूर्वक प्राप्त किया गया है. यह आंकड़े साफ बताते हैं कि स्वास्थ्य महकमा टीबी उन्मूलन को लेकर कितनी गंभीरता से काम कर रहा है.
पंचायत स्तर पर टेस्टिंग का लक्ष्य 100% पूरा
ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य जागरूकता और जांच को लेकर भी वैशाली ने एक बड़ा रिकॉर्ड बनाया है. पंचायत स्तर पर टीबी टेस्टिंग का 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया गया है. वहीं, निक्षय पोषण योजना के तहत 44 प्रतिशत लक्ष्य को पूरा किया गया है, जिससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों को आर्थिक और शारीरिक संबल प्रदान किया जा रहा है.
2,143 निक्षय मित्र बने टीबी मरीजों का सहारा
समाज के आम लोगों और स्वयंसेवकों ने भी इस नेक काम में बढ़-चढ़कर अपना योगदान दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, जिले में अब तक कुल 2,143 लोग 'निक्षय मित्र' के रूप में इस बड़े अभियान से जुड़ चुके हैं. ये निक्षय मित्र टीबी मरीजों को फूड बास्केट (पोषण आहार) और अन्य जरूरी सहयोग उपलब्ध करा रहे हैं, ताकि वे जल्द से जल्द स्वस्थ होकर सामान्य जीवन जी सकें.
Also Read : हाजीपुर : तकनीकी सहायक बहाली में छूटे अभ्यर्थियों को मिला अंतिम मौका, इस दिन तक कराएं डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन
