वैशाली में घट रहा बाढ़ का पानी, 2.98 लाख आबादी प्रभावित; 11.53 लाख भोजन पैकेट बांटे

वैशाली जिले में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन अभी भी 32 पंचायतें और 93 गांव प्रभावित हैं, जिससे करीब 2.98 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. जिला प्रशासन बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य चला रहा है.

Vaishali Flood: वैशाली जिले में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे घट रहा है. इसके बावजूद जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है. प्रभावित परिवारों को आवश्यक राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने का कार्य जारी है. वर्तमान में जिले की 32 पंचायत, दो नगर निकाय, 93 गांव और 12 वार्ड बाढ़ से प्रभावित हैं. बाढ़ से प्रभावित आबादी 2,98,800 है.

69 नावों से राहत और बचाव कार्य जारी

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य के तहत फिलहाल 69 नावों का परिचालन किया जा रहा है. प्रशासन के अनुसार अब तक 48,255 पॉलिथीन शीट वितरित की जा चुकी हैं. वहीं, राहत कार्य के दौरान अब तक 11,53,289 भोजन पैकेट/भोजन उपलब्ध कराया गया है. प्रभावित परिवारों के बीच 19,180 ड्राई राशन पैकेट भी बांटे गए हैं.

9 स्वास्थ्य शिविरों में 22 हजार से अधिक मरीजों का इलाज

बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए नौ स्वास्थ्य शिविर संचालित किए जा रहे हैं. इन शिविरों के माध्यम से अब तक 22,839 मरीजों का उपचार किया जा चुका है. संक्रमण की रोकथाम और स्वच्छता के लिए 6,816 किलोग्राम ब्लीचिंग पाउडर का उपयोग/वितरण किया गया है. इसके अलावा 5,000 मेडिकल किट उपलब्ध कराई गई हैं और 1,171 हैलोजन टैबलेट वितरित की गई हैं.

पशुओं के लिए 1.16 लाख किलो चारा बांटा

पशु राहत एवं चिकित्सा व्यवस्था के तहत वर्तमान में एक पशु शिविर संचालित है. अब तक 5,951 पशुओं का उपचार किया जा चुका है. प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए 1,16,320 किलोग्राम चारा वितरित किया गया है.

कटाव और कमजोर जमीन वाले स्थानों से दूर रहने की अपील

जिला प्रशासन ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और जरूरत के अनुसार तत्काल राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बाढ़ का पानी घटने के बाद भी नदी, कटाव वाले क्षेत्र, तटबंध और कमजोर भूमि वाले स्थानों पर जाने से बचें. नदी एवं कटाव प्रभावित क्षेत्रों में सेल्फी लेने या अनावश्यक भ्रमण करने से भी परहेज करें. तटबंध, सड़क या जमीन में दरार, धंसाव अथवा कटाव दिखाई देने पर तत्काल स्थानीय पदाधिकारी या अंचलाधिकारी को इसकी सूचना दें.

बाढ़ मे नाव से आते जाते लोग | Prabhat Khabar Network

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By कैफ अहमद

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