हाजीपुर सदर अस्पताल में तीन महीने में 1643 सफल ऑपरेशन, अगस्त में सर्जरी का आंकड़ा पहुंचा 662

हाजीपुर सदर अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। जून से अगस्त के बीच 1643 सफल ऑपरेशन किए गए, जिनमें प्रसूति और सामान्य सर्जरी विभाग शामिल हैं।

Hajipur News : सदर अस्पताल में मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ इलाज उपलब्ध कराने की दिशा में किये जा रहे प्रयासों का असर अब सर्जरी सेवाओं में भी दिखने लगा है. अस्पताल के एमसीएच ओटी और जेनरल ओटी में जून, जुलाई और अगस्त के दौरान कुल 1643 सफल ऑपरेशन किये गये. अस्पताल प्रशासन के अनुसार, सर्जरी की बढ़ती संख्या से मरीजों को इलाज के लिए बाहर रेफर करने की जरूरत कम हुई है और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति लोगों का भरोसा भी बढ़ा है.

हर मरीज को बेहतर इलाज देना प्राथमिकता

प्रभारी सिविल सर्जन डॉ आरके साहू ने कहा कि सदर अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है. अस्पताल में आवश्यक शल्य प्रक्रियाएं सुनिश्चित होने से मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर करने की जरूरत कम हुई है. उन्होंने कहा कि चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की टीम मरीजों को बेहतर सेवा उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है.

प्रसूति विभाग में 1565 शल्य प्रक्रियाएं

अस्पताल प्रशासन के अनुसार प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग ने सुरक्षित मातृत्व के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया है. जून से अगस्त के बीच विभाग में कुल 1565 शल्य प्रक्रियाएं की गयीं. इनमें 1290 एलएससीएस यानी सिजेरियन प्रसव और 275 पीपीएस शामिल हैं.

जून में 421 और जुलाई में 494 ऑपरेशन हुए. वहीं अगस्त में ऑपरेशन की संख्या बढ़कर 650 तक पहुंच गयी, जो तीनों महीनों में सबसे अधिक है. अस्पताल प्रशासन का कहना है कि प्रसूति विभाग में सुरक्षित प्रसव और जटिल मामलों के उपचार को लेकर लगातार बेहतर व्यवस्था की जा रही है.

जेनरल सर्जरी विभाग में 353 ऑपरेशन

स्वास्थ्य विभाग के जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ कुमार मनोज ने बताया कि प्रसव विभाग के अलावा जेनरल सर्जरी विभाग में भी आपातकालीन और सामान्य मामलों में तत्परता से इलाज किया जा रहा है. जून से अगस्त के बीच जेनरल सर्जरी विभाग में कुल 353 सर्जरी की गयीं.

इनमें सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े आरटीए वुंड रिपेयर के 187 मामले शामिल हैं. इसके अलावा सिस्ट के 23, आई एंड डी के 13, फाइमोसिस के आठ और फॉरेन बॉडी निकालने के नौ मामलों में भी ऑपरेशन किया गया. अन्य तरह की शल्य प्रक्रियाएं भी की गयीं.

अगस्त में सबसे अधिक 662 सर्जरी

अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार जून में कुल 446 सर्जरी हुईं, जबकि जुलाई में यह आंकड़ा बढ़कर 535 पहुंच गया. अगस्त में 662 सर्जरी के साथ तीनों महीनों में सबसे अधिक ऑपरेशन किये गये. इस तरह जून से अगस्त के बीच कुल 1643 ऑपरेशन हुए.

डीपीएम ने बताया कि प्रसूति एवं सामान्य सर्जरी, दोनों विभागों में चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की टीम मुस्तैदी से मरीजों को सेवा दे रही है. अस्पताल में सर्जरी की सुविधा मजबूत होने से गंभीर और जरूरी मामलों का उपचार स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है.

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By देवेंद्र गुप्त

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