hajipur news. सड़क दुर्घटना से घायल बुजुर्ग की मौत, शव रखकर घंटों जाम की सड़क

तीन अगस्त की सुबह जगदीप पासवान सेंटर पर दूध देकर घर लौट रहे थे, इसी दौरान लावापुर मिश्री चौक के निकट तेज रफ्तार बाइक ने उन्हें टक्कर मार दी

महनार. महनार थाना क्षेत्र के लावापुर में पांच दिन पूर्व हुए सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल 65 वर्षीय बुजुर्ग की मौत पीएमसीएच में इलाज के दौरान हो गयी. मृतक लावापुर पंचायत वार्ड सात निवासी जगदीप पासवान, पिता मुनीलाल पासवान है.

जानकारी के अनुसार, तीन अगस्त की सुबह जगदीप पासवान सेंटर पर दूध देकर घर लौट रहे थे. इसी दौरान लावापुर मिश्री चौक के निकट तेज रफ्तार बाइक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी. हादसे में वे गंभीर रूप से घायल हो गए. ग्रामीणों की मदद से परिजन उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महनार लेकर पहुंचे. वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए पीएमसीएच रेफर कर दिया. बीते पांच दिनों से उनका इलाज चल रहा था, लेकिन रविवार की शाम उनकी मौत हो गयी.

शव पहुंचते ही फूट पड़ा गुस्सा

सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचते ही कोहराम मच गया. इस दौरान ग्रामीणों का गुस्सा भी फूट पड़ा. सभी ने मिलकर दोषियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की. गुस्साए ग्रामीणों ने शव को हाजीपुर-महनार-मोहिउद्दीननगर मुख्य मार्ग एनएच पर लावापुर चौक के निकट रखकर सड़क जाम कर दिया. जाम की वजह से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई. छोटे-बड़े वाहनों के फंसे रहने से यात्रियों को भीषण परेशानियों का सामना करना पड़ा. राहगीरों और स्कूली बच्चों को भी घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा. जाम की सूचना पर डायल 112 की टीम और महनार थानाध्यक्ष वेदानंद सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. इन्होंने ग्रामीणों को समझा बुझाकर कर जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन खबर लिखे जाने तक सड़क जाम नही खुल पाया था.ग्रामीणों के अनुसार, मृतक जगदीप पासवान मेहनतकश व्यक्ति थे. वे पशुपालन और मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे. उनके दो पुत्र और दो पुत्रियां हैं. पिता की असमय मौत से पूरा परिवार बेसहारा हो गया है. स्वजनों की चीख-पुकार से पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया. ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है. उनका कहना है कि गरीब परिवार का सहारा छिन गया है, इसलिए सरकार को आगे आकर मदद करनी चाहिए.

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By Abhishek shaswat

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