वैशाली: डॉ. सीवी रमन विश्वविद्यालय में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम, विशेषज्ञों ने बताए ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपाय

डॉ सीवी रमन विश्वविद्यालय में साइबर सुरक्षा पर विशेष कार्यक्रम आयोजित, विशेषज्ञों ने साइबर अपराधों से बचने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए.

Hajipur News: भगवानपुर प्रखंड स्थित डॉ. सीवी रमन विश्वविद्यालय में बुधवार को साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा जागरूकता एवं साइबर अपराध रोकथाम विषय पर विस्तृत चर्चा की गई. यह आयोजन विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) और शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशों के अनुपालन में किया गया. इसका उद्देश्य शिक्षकों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों और विद्यार्थियों के बीच साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को प्रोत्साहित करना था.

साइबर अपराध के नए तरीकों से कराया अवगत

कार्यक्रम का आयोजन कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग द्वारा किया गया. इस अवसर पर विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर नादिर कमाल ने मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित लोगों को साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौतियों के बारे में जानकारी दी. उन्होंने डिजिटल अरेस्ट, एआई आधारित वॉयस क्लोनिंग, डीपफेक तकनीक, फर्जी पार्ट-टाइम जॉब ऑफर, टेलीग्राम टास्क स्कैम, फर्जी निवेश योजनाएं, क्रिप्टो निवेश धोखाधड़ी, व्हाट्सएप और ई-मेल के जरिए होने वाले फिशिंग अटैक, ओटीपी फ्रॉड और बैंकिंग धोखाधड़ी जैसे साइबर अपराधों के नए तौर-तरीकों पर विस्तार से प्रकाश डाला.

अंजान लिंक और एपीके फाइल डाउनलोड करने से बचने की सलाह

प्रो. नादिर कमाल ने प्रतिभागियों को साइबर सुरक्षा के व्यावहारिक उपाय भी बताए. उन्होंने कहा कि किसी भी अंजान लिंक या एपीके फाइल को डाउनलोड नहीं करना चाहिए. साथ ही संदिग्ध कॉल या संदेशों पर बिना सत्यापन के भरोसा नहीं करना चाहिए. उन्होंने सभी महत्वपूर्ण खातों में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन सक्रिय रखने और व्यक्तिगत एवं संस्थागत गोपनीय जानकारी किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी.

साइबर ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत

प्रो. कमाल ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो उसे तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करना चाहिए और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि घटना के शुरुआती "गोल्डन आवर्स" में शिकायत दर्ज कराने से ठगी गई राशि को रोकने या वापस प्राप्त करने की संभावना काफी बढ़ जाती है.

जागरूकता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलसचिव प्रो. ब्रिजेश सिंह ने कहा कि डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा केवल तकनीकी विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि जागरूकता ही साइबर अपराधों के विरुद्ध सबसे प्रभावी सुरक्षा कवच है. उन्होंने कहा कि डॉ. सीवी रमन विश्वविद्यालय विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ डिजिटल सुरक्षा के प्रति भी जागरूक बनाने के लिए लगातार ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा, ताकि सभी सुरक्षित, सतर्क और जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बन सकें.


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By Prabhat khabar news desk

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