अब घर बैठे होगा पशुओं का इलाज, 1962 पर कॉल करते ही पहुंचेगी मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई

Hajipur News : बिहार सरकार की सात निश्चय-2 योजना के तहत हाजीपुर में पशुपालकों को बड़ी राहत मिली है. अब बीमार पशुओं के इलाज के लिए उन्हें अस्पताल नहीं जाना पड़ेगा. टोल फ्री नंबर 1962 पर कॉल करने पर पशु चिकित्सक की टीम सीधे घर पहुंचकर इलाज करेगी.

Hajipur News : जिले के पशुपालकों के लिए राहत भरी खबर है. अब पशुओं के बीमार होने पर उन्हें अस्पताल ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. बिहार सरकार की मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई (एमवीयू) के माध्यम से पशु चिकित्सक और दवाओं से लैस एंबुलेंस सीधे पशुपालकों के घर पहुंचकर इलाज कर रही है. सात निश्चय-2 योजना के तहत यह सुविधा पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही है.

1962 पर कॉल करते ही घर पहुंचेगी पशु चिकित्सा टीम

पशुपालन विभाग के अनुसार, पशु के बीमार होने या उपचार की आवश्यकता होने पर पशुपालक टोल फ्री नंबर 1962 पर कॉल कर सकते हैं. शिकायत दर्ज होते ही संबंधित प्रखंड की मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई पशुपालक के घर पहुंचती है. टीम द्वारा पशु की जांच, उपचार और आवश्यक दवाएं नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं. इसके साथ ही पशुपालकों को टीकाकरण, संतुलित आहार, रोगों की रोकथाम और वैज्ञानिक पशुपालन की भी जानकारी दी जाती है.

मई में 503 कॉल पर दी गई सेवा

पशुपालन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मई 2026 में टोल फ्री नंबर 1962 पर कुल 503 कॉल प्राप्त हुईं. सभी 503 मामलों में घर पहुंचकर सेवा उपलब्ध कराई गई. इस दौरान 800 चिकित्सा एवं जागरूकता शिविर आयोजित किए गए. कुल 5,316 पशुपालकों को लाभ मिला और 9,201 पशुओं का उपचार किया गया.

जून में 230 कॉल, 4,593 पशुओं का हुआ इलाज

जून 2026 में टोल फ्री नंबर 1962 पर 230 कॉल प्राप्त हुईं. सभी कॉल पर मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई ने घर पहुंचकर सेवा दी. इस दौरान 416 चिकित्सा एवं जागरूकता शिविर लगाए गए. कुल 2,417 पशुपालकों को लाभ मिला और 4,593 पशुओं का उपचार किया गया.

दो महीने में 13,794 पशुओं का उपचार

मई और जून 2026 के दौरान कुल 733 मामलों में पशुपालकों के घर पहुंचकर पशुओं का इलाज किया गया. इस अवधि में 1,216 चिकित्सा एवं जागरूकता शिविर आयोजित किए गए. कुल 7,733 पशुपालकों को लाभ मिला, जबकि 13,794 पशुओं का सफल उपचार किया गया.

पशुपालन विभाग ने पशुपालकों से की अपील

पशुपालन विभाग ने जिले के सभी पशुपालकों से अपील की है कि पशुओं के बीमार होने या किसी भी पशु चिकित्सा संबंधी आवश्यकता होने पर टोल फ्री नंबर 1962 पर संपर्क कर मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई की नि:शुल्क डोर-स्टेप सेवा का लाभ उठाएं. विभाग का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य पशुओं को समय पर उपचार उपलब्ध कराना, पशुपालकों की आर्थिक क्षति को कम करना और वैज्ञानिक पशुपालन को बढ़ावा देना है.

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Author: Kaif ahmed

Published by: Yuvraj Ratan

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