Gopalganj News : गोपालगंज के कमला राय महाविद्यालय के स्नातकोत्तर राजनीति शास्त्र विभाग की ओर से सोमवार को “महिला सशक्तिकरण बनाम परिवार विखंडन” विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई. सुबह 11 बजे शुरू हुई संगोष्ठी में महिला सशक्तिकरण, पारिवारिक मूल्यों और बदलते सामाजिक परिवेश से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर वक्ताओं ने विचार रखे. चर्चा इतनी जीवंत रही कि निर्धारित समय समाप्त होने के बाद भी वक्ता और प्रतिभागी विषय पर चर्चा करते रहे. करीब छह घंटे तक चली संगोष्ठी में विषय के विभिन्न पहलुओं की विस्तार से समीक्षा की गई.
महिला सशक्तिकरण के साथ परिवार का संतुलन जरूरी
वक्ताओं ने कहा कि महिला सशक्तिकरण को केवल आर्थिक स्वतंत्रता तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता. शिक्षा, सामाजिक भागीदारी, निर्णय लेने की क्षमता और आत्मनिर्भरता के साथ परिवार और समाज के बीच संतुलन भी जरूरी है. बदलते सामाजिक परिवेश में परिवार के स्वरूप, आपसी संबंधों और महिलाओं की भूमिका में आए बदलावों पर भी गंभीर चर्चा हुई.
महिला और परिवार की बदलती भूमिका पर रखे विचार
संगोष्ठी में वक्ताओं ने महिला सशक्तिकरण के सकारात्मक प्रभावों के साथ पारिवारिक संबंधों में आ रहे बदलावों पर भी चर्चा की. उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ महिलाओं की भूमिका व्यापक हुई है, लेकिन पारिवारिक मूल्यों और आपसी संवाद को मजबूत बनाए रखना भी जरूरी है.
कई शिक्षाविदों ने रखे अपने विचार
संगोष्ठी का संयोजन राजनीति शास्त्र विभाग की प्रो. डॉ. अनुजा सिंह ने किया. मुख्य अतिथि बैकुंठ बीएड कॉलेज, अमलोरी के प्राचार्य डॉ. श्याम शंकर पाण्डेय रहे. विशिष्ट वक्ता महारानी जानकी कुंवर महाविद्यालय, बेतिया के अतिथि शिक्षक डॉ. बिपिन दुबे तथा मुख्य वक्ता महेंद्र महिला महाविद्यालय, गोपालगंज के असिस्टेंट शिक्षक डॉ. अमृतजय कुमार रहे. विशेष अतिथि के रूप में मांझा के राजकीय डिग्री कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सुरेंद्र चौधरी मौजूद रहे.
प्राचार्य ने की कार्यक्रम की अध्यक्षता
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एचके पाण्डेय ने की. संचालन दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. प्रवीण कुमार पाण्डेय ने किया. स्वागत भाषण डॉ. अनुजा सिंह ने दिया, जबकि विषय प्रवेश प्रो. प्रवीण कुमार पाण्डेय ने कराया. समापन की घोषणा राजनीति शास्त्र विभाग के प्रो. डॉ. दशरथ राम ने की.
शिक्षक और छात्र-छात्राओं ने लिया हिस्सा
संगोष्ठी को सफल बनाने में प्रो. प्रवीण कुमार पाण्डेय, डॉ. संदीप कुमार, कौशर अली और प्रो. डॉ. दशरथ राम का सहयोग रहा. डॉ. निरमा मौर्य, डॉ. भारती कुमारी, आकांक्षा द्विवेदी, डॉ. मंजू कुमारी, डेजी कुमारी, कविता कुमारी, डॉ. मनीष कुमार, अविनाश कुमार, डॉ. इशररुल और डॉ. उपेंद्र समेत अन्य शिक्षक मौजूद रहे. छात्र-छात्राओं में सचिन कुमार, दीपक कुमार, अनुराधा, प्रियांशु और पलक कुमारी समेत अन्य विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया. अंत में विषय पर सारगर्भित चर्चा के बाद संगोष्ठी का समापन हुआ.
