गोपालगंज के निजी अस्पताल में डिलीवरी के 4 दिन बाद महिला की मौत, परिजनों का हंगामा-तोड़फोड़, डॉक्टर-कर्मी फरार

गोपालगंज के एक निजी अस्पताल में प्रसव के चार दिन बाद एक महिला की मौत से परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया. नाराज लोगों ने अस्पताल में तोड़फोड़ की और डॉक्टर व कर्मी मौके से फरार हो गए.

Woman Patient Death: गोपालगंज शहर के कमला राय कॉलेज में चिराई घर के समीप स्थित एक निजी अस्पताल में प्रसव के चार दिन बाद महिला मरीज की मौत हो गयी. महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गये और अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया. आक्रोशित लोगों ने अस्पताल में तोड़फोड़ भी की. स्थिति बिगड़ने के बाद अस्पताल के डॉक्टर और कर्मी मौके से फरार हो गये. वहीं अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों और उनके परिजनों में भी अफरा-तफरी मच गयी.

मृतका की पहचान लरौली गांव निवासी सिंगासन सिंह के बेटे राजकुमार सिंह की पत्नी अनु देवी के रूप में हुई है. परिजनों के अनुसार, अनु देवी की शादी नवंबर में ही हुई थी. प्रसव के लिए उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. करीब चार दिन पहले चिकित्सकों ने उसका ऑपरेशन किया था. ऑपरेशन के बाद उसकी हालत धीरे-धीरे बिगड़ती चली गयी और बुधवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी.

मौत की सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंचे परिजन

महिला की मौत की सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य अस्पताल पहुंचे. परिजनों ने चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया. देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण भी अस्पताल पहुंच गये. आक्रोशित लोगों ने अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन करने के बाद अंदर घुसकर तोड़फोड़ शुरू कर दी.

परिजनों ने चिकित्सक मिथिलेश शर्मा सहित अस्पताल के अन्य चिकित्सकों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया. उनका कहना था कि समय रहते महिला को उचित उपचार नहीं मिल सका, जिसके कारण उसकी जान चली गयी. आक्रोशित परिजन मुआवजे की मांग पर भी अड़े रहे.

सांस लेने में दिक्कत के बाद किया गया था रेफर

अस्पताल से जुड़े लोगों के अनुसार, महिला के प्रसव के दौरान किसी तरह की गंभीर परेशानी नहीं हुई थी. बुधवार की सुबह अचानक उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी. इसके बाद उसे शहर के एक प्रमुख चिकित्सक के यहां रेफर किया गया. परिजनों के अनुसार, अस्पताल से ले जाने के दौरान रास्ते में ही उसकी मौत हो गयी.

महिला की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और लोग अस्पताल में हंगामा व तोड़फोड़ करने लगे.

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति

घटना की सूचना मिलते ही नगर थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने काफी देर तक आक्रोशित लोगों को समझाने का प्रयास किया. करीब दो घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिस ने कार्रवाई का भरोसा देकर लोगों को शांत कराया.

बताया गया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए डीएम समीर सौरभ और एसपी विनय तिवारी ने भी मामले को गंभीरता से लिया और पुलिस अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति नियंत्रित करने का निर्देश दिया. पुलिस के पहुंचने के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हुई.

पुलिस के पहुंचने से टला बड़ा बवाल

महिला की मौत के बाद लोगों में काफी आक्रोश था. बड़ी संख्या में लोग अस्पताल परिसर में जमा थे और स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई थी. समय पर पुलिस के पहुंचने के बाद स्थिति को नियंत्रित किया जा सका. पुलिस ने परिजनों को मामले में उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया. फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और परिजनों की ओर से लगाये गये आरोपों की भी जानकारी जुटायी जा रही है.

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By संजय कुमार अभय

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