जमीन के अभाव में नहीं खुला कार्यालय

Published at :25 Jun 2017 4:59 AM (IST)
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जमीन के अभाव में नहीं खुला कार्यालय

उलझन. पासपोर्ट कार्यालय खोलने के लिए केंद्रीय विदेश मंत्री ने दी थी मंजूरी गोपालगंज : युवाओं को सहज पासपोर्ट बनाने का सपना टूटता नजर आ रहा है. उन्हें पासपोर्ट बनाने के लिए पटना का चक्कर लगाना पड़ रहा है. केंद्र सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजना गोपालगंज में धरातल पर नहीं उतर पा रही है. यहां […]

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उलझन. पासपोर्ट कार्यालय खोलने के लिए केंद्रीय विदेश मंत्री ने दी थी मंजूरी

गोपालगंज : युवाओं को सहज पासपोर्ट बनाने का सपना टूटता नजर आ रहा है. उन्हें पासपोर्ट बनाने के लिए पटना का चक्कर लगाना पड़ रहा है. केंद्र सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजना गोपालगंज में धरातल पर नहीं उतर पा रही है. यहां पासपोर्ट कार्यालय खोलने का सपना खटाई में पड़ गया है. नतीजा है कि प्रतिमाह लगभग पांच हजार युवक पासपोर्ट बनाने के लिए चक्कर लगाते हैं. गोपालगंज में पासपोर्ट कार्यालय खोलने के लिए केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मंजूरी दी थी.
मंजूरी के बाद क्षेत्रीय पासपोर्ट पदाधिकारी शत्रुघ्न सिंह की टीम ने गोपालगंज में पूरी स्थिति का आकलन करते हुए पासपोर्ट कार्यालय खोलने की सहमति दी. डाकघर में पासपोर्ट कार्यालय खोलने के लिए जगह नहीं बन पायी. जगह के अभाव में पासपोर्ट कार्यालय नहीं खुल पाया. डाकघर में पासपोर्ट कार्यालय के लिए भवन नहीं होने की बात कही गयी है. पासपोर्ट ऑफिस से बढ़ते दबाव को देखते हुए मुजफ्फरपुर से पीएमजी अशोक कुमार, सीवान से डाक अधीक्षक आरएन शर्मा पहुंचे और पासपोर्ट कार्यालय के लिए स्थल का निरीक्षण किया. 500 स्क्वायर फुट पासपोर्ट कार्यालय के लिए न्यूनतम जगह की आवश्यकता को देखा गया है. पीएमजी स्तर पर नया भवन बनाने के लिए हाइ लेवल पर अनुशंसा की गयी है. अब दूरसंचार मंत्रालय से आवंटन मिलने के बाद ही यहां भवन का निर्माण हो सकेगा.
बिहार में सबसे अधिक पासपोर्ट सीवान और गोपालगंज में बनते हैं. पासपोर्ट कार्यालय नहीं रहने के कारण यहां के युवाओं को पटना पासपोर्ट कार्यालय का महीनों चक्कर लगाना पड़ता है. यहां पासपोर्ट कार्यालय खुलने से युवाओं को काफी राहत मिलती. गोपालगंज के पासपोर्ट कार्यालय से महज 15 दिनों के भीतर पासपोर्ट बन कर तैयार हो जाता. पुलिस इंक्वायरी में महीनों महीनों तक पेंडिंग नहीं रहता. अब भवन बनाने और कार्यालय खोलने में वर्षों का वक्त लग सकता है. दुबई, कतर, दोहा, सउदी, मसकट, अरब, जापान, अमेरिका, कुवैत, बहरिन, इराक, इरान, नाइजिरिया, थाईलैंड, मलयेशिया जैसे विदेशों में युवा अपनी प्रतिभा से अपना परचम लहराये हुए हैं. विदेश जानेवाले युवाओं को पासपोर्ट बनाने में हो रही कठिनाई को ध्यान में रखते हुए सांसद जनक राम तथा बैकुंठपुर के विधायक मिथिलेश तिवारी की व्यक्तिगत पहल पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पासपोर्ट कार्यालय खोलने का फैसला लिया.
मंत्रालय के निदेश को धरातल पर उतरने में भवन की कमी बाधा बन गयी है.
मंत्रालय से राशि आवंटन के लिए टीम ने की अनुशंसा
हाइ लेवल पर चल रहा मामला
पासपोर्ट कार्यालय गोपालगंज में खोलने के लिए हाइ लेवल पर मंथन चल रहा है. पासपोर्ट कार्यालय जल्दी कैसे खुले इसको लेकर विभाग हर स्तर पर विकल्प तलाश रहा है. मंत्रालय को भवन बनाने के लिये प्रस्ताव भेजा जा चुका है. जल्द ही पासपोर्ट कार्यालय गोपालगंज में काम करने लगेगा.
आरएन शर्मा, डाक अधीक्षक गोपालगंज
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