Gaya News : गया जिले के डोभी थाना क्षेत्र के गढ़ करमौनी गांव में पुराने कुएं के अंदर बोरिंग पाइप डालने के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से चार ग्रामीणों की दर्दनाक मौत हो गयी. मृतकों में एक पिता-पुत्र भी शामिल हैं. हादसे के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है.
पुराने कुएं में बोरिंग पाइप डालने के दौरान हादसा
जानकारी के अनुसार, घटना उस समय हुई जब ग्रामीण पंप चलाने के लिए पुराने कुएं के अंदर बोरिंग पाइप डालने का प्रयास कर रहे थे. इसी दौरान कुएं के अंदर जहरीली गैस के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गयी. बताया जाता है कि कुआं करीब 30 फीट गहरा है.
हादसे में चार ग्रामीणों की गयी जान
भाकपा माले की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच की. जांच टीम का नेतृत्व डोभी प्रखंड सचिव रामलखन प्रसाद ने किया. उन्होंने बताया कि मृतकों में 70 वर्षीय चमारी मांझी, 30 वर्षीय दिलचंद मांझी, 45 वर्षीय विजय चौधरी और 23 वर्षीय विकास चौधरी शामिल हैं.
पिता-पुत्र की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
इस डोभी जहरीली गैस दुर्घटना में विजय चौधरी और उनके बड़े बेटे विकास चौधरी की भी मौत हो गयी. एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. परिवार के अन्य सदस्यों के सामने अब रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है.
तीन छोटे बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
हादसे में जान गंवाने वाले दिलचंद मांझी के पीछे उनकी विधवा पत्नी और तीन छोटे बच्चे रह गये हैं. वहीं विजय चौधरी की मौत के साथ उनके परिवार के सामने भी बड़ा संकट खड़ा हो गया है. परिवार में दो छोटी बच्चियां और दो बेटे हैं, जिनके सामने भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गयी है.
आर्थिक रूप से कमजोर हैं मृतकों के परिवार
स्थानीय लोगों के अनुसार, सभी मृतक परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं. इन परिवारों की रोजी-रोटी सीमित आय और मेहनत-मजदूरी पर निर्भर थी. हादसे के बाद परिवारों के सामने बच्चों की परवरिश और शिक्षा की बड़ी चुनौती खड़ी हो गयी है.
भाकपा माले ने 10-10 लाख रुपये मुआवजे की मांग की
भाकपा माले की टीम और स्थानीय लोगों ने सरकार से प्रत्येक पीड़ित परिवार को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है. साथ ही मृतकों के बच्चों की पढ़ाई की गारंटी सुनिश्चित करने की मांग की गयी है, ताकि उनके भविष्य और जीविका को सहारा मिल सके.
राहत नहीं मिली तो आंदोलन की चेतावनी
भाकपा माले नेता रामलखन प्रसाद ने सरकार से पीड़ित परिवारों को जल्द राहत और मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग दोहरायी. उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र राहत की व्यवस्था नहीं की गयी, तो आंदोलन किया जाएगा.
