डीएमसीएच में दो दिवसीय एप्रिकॉन सम्मेलन शुरू, 2030 तक रेबीज उन्मूलन पर मंथन

दरभंगा मेडिकल कॉलेज में "वन हेल्थ एप्रोच फॉर रेबीज एलिमिनेशन थ्रू वैक्सीनेशन" विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय एप्रिकॉन सम्मेलन शुरू हुआ है. इसका मुख्य उद्देश्य 2030 तक रेबीज से शून्य मानव मृत्यु के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने की रणनीतियों पर विचार-विमर्श करना है.

Darbhanga News: दरभंगा मेडिकल कॉलेज (डीएमसीएच) के सामुदायिक चिकित्सा विभाग की ओर से "वन हेल्थ एप्रोच फॉर रेबीज एलिमिनेशन थ्रू वैक्सीनेशन" विषय पर राष्ट्रीय स्तर का दो दिवसीय एप्रिकॉन सम्मेलन शनिवार से शुरू हुआ. सम्मेलन में देशभर से सामुदायिक चिकित्सा विशेषज्ञ, चिकित्सक, पशु चिकित्सक, सूक्ष्मजीव वैज्ञानिक, शोधकर्ता, नीति-निर्माता और स्नातकोत्तर विद्यार्थी भाग ले रहे हैं.

वर्ष 2030 तक रेबीज से शून्य मानव मृत्यु का लक्ष्य

सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2030 तक कुत्तों के काटने से होने वाली मानव रेबीज मृत्यु को शून्य करने के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने के लिए वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक रणनीतियों पर व्यापक विचार-विमर्श करना है.

रेबीज नियंत्रण के विभिन्न पहलुओं पर होगी चर्चा

सम्मेलन में रेबीज की रोकथाम, प्रभावी निगरानी व्यवस्था, प्रयोगशाला निदान, समय पर टीकाकरण, मोनोक्लोनल एंटीबॉडी के उपयोग, पशुओं के व्यापक टीकाकरण, मानव एवं पशु स्वास्थ्य विभागों के समन्वय पर आधारित वन हेल्थ एप्रोच तथा नवीनतम शोध एवं तकनीकों पर विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे. दो दिवसीय कार्यक्रम में मुख्य व्याख्यान, विशेषज्ञ पैनल चर्चा, शोध-पत्र और पोस्टर प्रस्तुतिकरण सहित कई अकादमिक सत्र आयोजित किए जाएंगे.

टीकाकरण और जागरूकता को बताया सबसे प्रभावी उपाय

सम्मेलन में विशेषज्ञों ने कहा कि रेबीज 100 प्रतिशत तक रोके जाने योग्य बीमारी है. समय पर टीकाकरण, जनजागरूकता, पशुओं का व्यापक टीकाकरण और विभिन्न विभागों के बीच समन्वित प्रयास इसके उन्मूलन का सबसे प्रभावी उपाय हैं.

विशेषज्ञों के नेतृत्व में हो रहा आयोजन

सम्मेलन का नेतृत्व आयोजन अध्यक्ष डॉ. चित्तरंजन रॉय तथा आयोजन सचिव डॉ. विजय कुमार चौधरी कर रहे हैं. आयोजन समिति में डॉ. वीणा रॉय, डॉ. रश्मि प्रिया, डॉ. अंकेश प्रभाकर और डॉ. अंशु प्रिया रमन शामिल हैं.


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लेखक के बारे में

अजय कुमार मिश्रा पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. स्वास्थ्य, एयरपोर्ट, परिवहन, सामाजिक एवं राजनीतिक मुद्दों पर गंभीर और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग इनकी पहचान है. आम जनजीवन से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाना इनकी कार्यशैली की विशेष पहचान रही है.

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