Darbhanga News: कोशी, कमला बलान व करेह तीनों नदियों के जलस्तर में वृद्धि, आधा दर्जन गांव के लोग प्रभावित

Darbhanga News:लागातार बारिश होने से प्रखंड क्षेत्र से बहने वाली कोशी, कमला बलान तथा करेह नदियों के जलस्तर में अचानक वृद्धि शुरू हो गयी है.

Darbhanga News: कुशेश्वरस्थान पूर्वी. लागातार बारिश होने से प्रखंड क्षेत्र से बहने वाली कोशी, कमला बलान तथा करेह नदियों के जलस्तर में अचानक वृद्धि शुरू हो गयी है. मंगलवार की दोपहर बाद सभी नदियों के जलस्तर में वृद्धि जारी है. इसी तरह जलस्तर में वृद्धि जारी रही तो जल्द ही प्रखंड क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति खतरनाक हो जाएगी. फिलहाल इटहर पंचायत के चौकिया, लक्ष्मिनियां, इटहर तथा सुघराइन पंचायत के अन्य गांव के लोगों को आवाजाही के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है. प्राथमिक विद्यालय लक्ष्मिनियां तथा प्रावि इटहर पोखर को बाढ़ के पानी ने चारों तरफ से घेर लिया है. इस कारण पढ़ाई प्रभावित होनी शुरू हो गयी है. वहीं प्राथमिक विद्यालय लक्ष्मिनियां परिसर में बाढ़ का पानी फैल गया है. इटहर पंचायत के चौकिया, लक्ष्मीनियां सहित आधा दर्जन गांव के लोगों को नाव से कमला बलान तटबंध पर जाना पड़ रहा है. वहां से अन्य संसाधन से लोग प्रखंड मुख्यालय आते-जाते हैं. शिक्षक घनश्याम ठाकुर, देवेन्द्र राय, विनल पंडित, नरेश कुमार सहित अन्य ने बताया कि नाव से तटबंध तक आने-जाने में 40 से 50 रुपया लग जाता है. वहीं गाड़ी नाव से नदी पार कराने पर 20 से 30 रुपया वहन करना पड़ता है. लोगों ने बताया कि बाढ़ आने पर हमलोगों को नाव पर जीवन-यापन करना पड़ता है. इस संबंध में सीओ गोपाल पासवान ने बताया कि नदियों के जलस्तर में वृद्धि हुई है, लेकिन बाढ़ जैसी कोई बात नहीं है. आवाजाही के लिए नाव की व्यवस्था की जा रही है. प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है.

कमला बलान के जलस्तर में उतराव-चढ़ाव जारी

तारडीह. कमला बलान नदी के जलस्तर में उतराव-चढ़ाव जारी है. जलस्तर में कभी वृद्धि हो रही है तो कभी कमी देखी जा रही है. सोमवार की शाम में वृद्धि होने से जहां खतरे के निशान के करीब पहुंच गयी थी, वहीं मंगलवार की सुबह से इसमें कमी आने लगी है. नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव को देखते हुए फ्लड कंट्रोल डिविजन-दो के अभियंताओं तथा फ्लड फाइट वर्क से जुड़े कर्मियों की नजर नदी के रूख पर है. कार्यपालक अभियंता गुलाम गौस ने बताया कि नदी के जलस्तर में उतार चढ़ाव जारी है. खतरे का निशान के कभी हल्की उपर तो कभी नीचे हो रही है. फिलहाल तटबंध को लेकर कोई खतरा नहीं है.

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Author: PRABHAT KUMAR

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