Darbhanga News: दरभंगा जिले के जाले नगर परिषद क्षेत्र में पिछले कुछ समय से जारी कड़क बिजली संकट को लेकर स्थानीय नागरिकों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है. भीषण गर्मी के इस दौर में लगातार हो रही बिजली कटौती और घोर लो-वोल्टेज की समस्या से त्रस्त जनता के समर्थन में अब जनप्रतिनिधि भी उतर आए हैं. इसी कड़ी में नगर परिषद के वार्ड संख्या 11 के पार्षद अरविंद प्रसाद वर्मा ने मोर्चा संभालते हुए नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) सुन्दरम सानंद को एक लिखित आवेदन सौंपा है और इस गंभीर जन-समस्या के अविलंब समाधान की कड़ाई से मांग की है.
बिना पानी के कटी रातें
पार्षद अरविंद प्रसाद वर्मा ने कार्यपालक पदाधिकारी को दिए आवेदन में क्षेत्र की बदहाल स्थिति का विस्तृत ब्योरा दिया है. उन्होंने बताया कि जाले नगर परिषद क्षेत्र के विभिन्न प्रमुख मोहल्लों और रिहायशी इलाकों में बिना किसी पूर्व सूचना के घंटों बिजली काटी जा रही है. बिजली आने पर भी वोल्टेज इतना कम रहता है कि घरों में लगे पानी के मोटर और अन्य जरूरी उपकरण सही ढंग से काम ही नहीं कर पा रहे हैं. पर्याप्त वोल्टेज न मिलने की वजह से मोटर नहीं चल रहे हैं, जिसके कारण पूरे शहरी इलाके में अब पेयजल का गंभीर संकट पैदा हो गया है और लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं.
उपकरण भी हो रहे खराब
बिजली आपूर्ति की इस भारी अनियमितता का सबसे बुरा असर क्षेत्र के छात्र-छात्राओं की पढ़ाई और उनके भविष्य पर पड़ रहा है. इस चिलचिलाती और रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के बीच बार-बार बिजली कटने और कड़क लो-वोल्टेज रहने की वजह से लोगों का घरों में जीना दूभर हो गया है. स्थिति इतनी बदतर है कि कम वोल्टेज के कारण घरों के पंखे और कूलर भी हवा देने के बजाय सिर्फ शोपीस बने हुए हैं, जिससे उमस भरी गर्मी में बच्चे पढ़ नहीं पा रहे हैं और कई कीमती विद्युत उपकरण भी जलकर खराब हो रहे हैं.
अविलंब समाधान करने की उठाई मांग
इन तमाम दुश्वारियों को देखते हुए वार्ड पार्षद ने नगर परिषद प्रशासन से कड़ाई से अपील की है कि वे इस संवेदनशील मामले को बिजली विभाग के वरीय अधिकारियों के समक्ष पुरजोर तरीके से उठाएं. उन्होंने मांग की है कि नगर परिषद और विद्युत विभाग आपस में तालमेल बिठाकर इस समस्या का परमानेंट और अविलंब समाधान सुनिश्चित कराएं, ताकि जाले की जनता को इस भीषण गर्मी और पानी की किल्लत से जल्द से जल्द राहत मिल सके.
दरभंगा से केशवेन्द्र प्रताप ठाकुर की रिपोर्ट
