दरभंगा से संतोष कुमार मंडल की रिपोर्ट
दरभंगा: बढ़ती आबादी और शहरी विस्तार के साथ दरभंगा शहर में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है. पिछले पांच वर्षों में शहर की बिजली खपत करीब डेढ़ गुनी हो गई है. वर्ष 2021 में जहां 42 से 46 मेगावाट बिजली की जरूरत होती थी, वहीं 2026 में यह बढ़कर 74 से 78 मेगावाट तक पहुंच गई है. पिछले वर्ष सितंबर में शहर में 82 मेगावाट की रिकॉर्ड बिजली खपत भी दर्ज की गई थी. बढ़ते लोड को देखते हुए बिजली विभाग लगातार आधारभूत संरचना का विस्तार कर रहा है.
हर साल 10 प्रतिशत बढ़ रही बिजली की खपत
बिजली विभाग के अनुसार शहर में औसतन हर वर्ष करीब 10 प्रतिशत बिजली की खपत बढ़ रही है. 2021 में 42-46.20 मेगावाट, 2022 में 50.82 मेगावाट, 2023 में 55.90 मेगावाट, 2024 में 61.49-64 मेगावाट, 2025 में 67.64-70 मेगावाट और 2026 में अब तक 74.04 से 78 मेगावाट तक बिजली की मांग दर्ज की गई है. विभाग का कहना है कि सभी उपकेंद्रों को फुल लोड बिजली उपलब्ध कराई जा रही है.
बढ़े उपभोक्ता, बन रहे दो नए उपकेंद्र
शहर में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या भी लगातार बढ़ रही है. वर्ष 2021 में करीब 81 हजार उपभोक्ता थे, जो अब बढ़कर 87,700 हो गए हैं. यानी पांच वर्षों में 6,700 नए उपभोक्ता जुड़े हैं. बढ़ती मांग को देखते हुए शहर में उपकेंद्रों की संख्या सात से बढ़ाकर 10 कर दी गई है. इसके अलावा रामनगर में एक नया उपकेंद्र बनाया जा रहा है, जबकि कादिराबाद बस स्टैंड परिसर में बनने वाला उपकेंद्र सरकारी इलेक्ट्रिक बसों की चार्जिंग के लिए उपयोग होगा.
10 उपकेंद्रों से हो रही बिजली आपूर्ति
वर्तमान में गंगवाड़ा और रामनगर ग्रिड से शहर के 10 उपकेंद्रों को बिजली आपूर्ति की जा रही है. इनमें बेला इंडस्ट्रियल, न्यू कादिराबाद, अर्बन पीएसएस, लालबाग एरिया बोर्ड, लक्ष्मीसागर, दोनार इंडस्ट्रियल, डीएमसीएच, बंगाली टोला, पंडासराय और जेल उपकेंद्र शामिल हैं. साथ ही उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए विभाग 24 घंटे फ्यूज कॉल सेंटर भी संचालित कर रहा है.
