दरभंगा से अजय कुमार मिश्रा की रिपोर्ट
Darbhanga Airport: मिथिला के लिए एक और बड़ी सौगात की तैयारी शुरू हो गई है. दरभंगा एयरपोर्ट परिसर में फ्लाइंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (एफटीओ) स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है. बिहार सरकार और केंद्रीय नागर विमानन मंत्रालय के बीच इस परियोजना को लेकर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है. इसके बाद दरभंगा एयरपोर्ट केवल हवाई यात्रा का केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि पायलट प्रशिक्षण और एविएशन क्षेत्र में रोजगार का नया हब भी बनेगा.
बिहार के युवाओं को अपने राज्य में मिलेगा पायलट बनने का अवसर
प्रस्तावित फ्लाइंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट बिहार का दूसरा एफटीओ होगा. इसके शुरू होने के बाद राज्य के युवाओं को पायलट प्रशिक्षण के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम होगी. एविएशन क्षेत्र में करियर बनाने वाले छात्रों को अपने ही राज्य में आधुनिक प्रशिक्षण सुविधा मिलने की उम्मीद है.
एयरपोर्ट की उपयोगिता बढ़ेगी, अंतरराष्ट्रीय विकास को मिलेगा बल
दरभंगा एयरपोर्ट के विस्तार और भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से जोड़ने की योजना के तहत एफटीओ की स्थापना को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. इससे एयरपोर्ट पर विमानन गतिविधियों का दायरा बढ़ेगा और यह उत्तर बिहार के प्रमुख एविएशन केंद्र के रूप में नई पहचान बनाएगा.
प्रशिक्षकों से लेकर ग्राउंड स्टाफ तक, रोजगार के खुलेंगे नए रास्ते
फ्लाइंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के संचालन से प्रशिक्षु पायलटों के अलावा फ्लाइट इंस्ट्रक्टर, तकनीकी कर्मचारी, ग्राउंड स्टाफ और अन्य विमानन सेवाओं से जुड़े रोजगार के अवसर सृजित होंगे. इससे स्थानीय युवाओं को भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना बढ़ेगी.
दरभंगा एयरपोर्ट की पहचान को मिलेगा नया आयाम
दरभंगा एयरपोर्ट से लगातार बढ़ रही हवाई सेवाओं और यात्रियों की संख्या के बीच फ्लाइंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना को बड़ा कदम माना जा रहा है. इसके शुरू होने से एयरपोर्ट यात्री सेवा के साथ-साथ पायलट प्रशिक्षण केंद्र के रूप में भी अपनी अलग पहचान बनाएगा और मिथिला की विमानन क्षेत्र में भूमिका और मजबूत होगी.
