बिहार के दो जिलों में शुरू होगा बुलडोजर एक्शन, सात दिन का अल्टीमेटम, राजस्व विभाग की जांच शुरू
Bihar Bulldozer Action: पश्चिम चंपारण के लौरिया और पूर्णिया के बनमनखी में अतिक्रमण के खिलाफ सख्ती तेज हो गई है. लौरिया में प्रशासन ने सात दिन का अल्टीमेटम दिया है. बनमनखी में ग्रामीणों ने ऐतिहासिक कोशी माता मेला की सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग की है.
Bihar Bulldozer Action: पश्चिमी चंपारण और पूर्णिया जिले में अतिक्रमण को लेकर प्रशासन और ग्रामीणों की सक्रियता देखने को मिल रही है. दोनों ही मामलों में सार्वजनिक और सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग और कार्रवाई तेज हो गई है. पश्चिम चंपारण जिले के लौरिया नगर पंचायत क्षेत्र में सड़क किनारे और सार्वजनिक स्थलों पर बढ़ते अतिक्रमण को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है.
अधिकारी दिनेश पुरी, CO नीतेश कुमार सेठ और SHO रमेश कुमार शर्मा ने बताया कि अतिक्रमणकारियों को अंतिम सात दिनों का समय दिया गया है. इस दौरान माइकिंग और व्यक्तिगत सूचना देकर लोगों से खुद अतिक्रमण हटाने की अपील की जा रही है. अधिकारियों ने साफ कहा है कि अगर सात दिनों के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो 9 जनवरी से प्रशासन कार्रवाई करेगा.
आम लोगों ने किया फैसले का स्वागत
प्रशासन का कहना है कि अतिक्रमण के कारण मुख्य बाजार और व्यस्त सड़कों पर अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है. इससे आम लोगों को भारी परेशानी होती है. अभियान नियमों के तहत और बिना किसी भेदभाव के चलाया जाएगा. आम लोगों ने प्रशासन के इस फैसले का स्वागत किया है.
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पूर्णिया में भी अतिक्रमण हटाने की मांग तेज
पूर्णिया जिले के बनमनखी प्रखंड के जियनगंज पंचायत में स्थित ऐतिहासिक कुरुवा कोशी माता मेला की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग तेज हो गई है. वार्ड नंबर 6 में स्थित बिहार सरकार की जमीन पर अतिक्रमण किए जाने का आरोप लगाते हुए सैकड़ों ग्रामीणों ने अनुमंडल पदाधिकारी (Circle officer) प्रमोद कुमार को आवेदन सौंपा है.
लोगों ने कहा कि जियनगंज कुरुवा घाट की लगभग 17 एकड़ सरकारी जमीन पर पिछले करीब 50 वर्षों से कोशी माता का मेला आयोजित होता आ रहा है. यह भूमि विशेष रूप से मेला आयोजन के लिए सरकार द्वारा आवंटित की गई थी. आरोप है कि कुछ स्थानीय दबंगों ने इस जमीन पर अवैध कब्जा कर फसल लगा दी है. इससे मेला आयोजन में बाधा हो रही है.
अनुमंडल पदाधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया कि आवेदन प्राप्त हो गया है और मामले की जांच के लिए राजस्व अधिकारी को निर्देश दिया गया है. जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. ग्रामीणों ने मांग की है कि सरकारी मेला भूमि को जल्द अतिक्रमण से मुक्त कराकर कोशी माता मेला का आयोजन कराया जाए.
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