Buxar News : बक्सर जिले में इन दिनों सड़क किनारे खड़े बालू लदे ट्रकों की लंबी कतार लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है. उत्तर प्रदेश के भरौली में खनन विभाग की सख्ती बढ़ते ही इसका सीधा असर बिहार के बक्सर में देखने को मिल रहा है. यूपी में प्रवेश से पहले एसटीपी शुल्क और जांच से बचने के लिए ट्रक चालक अपनी गाड़ियां बक्सर-पटना फोरलेन और एनएच 922 के किनारे खड़ी कर दे रहे हैं. इससे सड़कों के दोनों तरफ ट्रकों की लंबी लाइन लग गई है, जो अब खतरे की वजह बन रही है.
सड़क किनारे खड़े ट्रक, बढ़ा दुर्घटना का खतरा
स्थिति यह है कि जहां सड़क के किनारे आबादी बसी हुई है, वहीं ट्रकों की कतार लगने से लोगों का आना-जाना मुश्किल हो गया है. स्थानीय लोगों को अब सड़क पार करने के लिए बीच रास्ते से गुजरना पड़ रहा है. तेज रफ्तार वाहनों और खड़े ओवरलोड ट्रकों के बीच हादसे की आशंका लगातार बनी हुई है.
ट्रैफिक व्यवस्था भी पूरी तरह प्रभावित हो गई है. कई जगहों पर जाम की स्थिति बन रही है और राहगीरों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ रही है.
एसटीपी शुल्क से बचने के लिए खड़ी की जा रहीं गाड़ियां
स्थानीय चालकों के मुताबिक, यूपी में प्रवेश के दौरान प्रति ट्रक करीब 4000 रुपये का एसटीपी शुल्क लिया जाता है. इसके साथ ही जांच में पकड़े जाने पर अतिरिक्त कार्रवाई का डर भी बना रहता है. यही वजह है कि ट्रक चालक जोखिम उठाने के बजाय बिहार सीमा में ही गाड़ियां खड़ी कर दे रहे हैं.
एक चालक ने बताया कि अगर यूपी में पकड़ लिए गए तो एसटीपी के साथ जुर्माना भी देना पड़ेगा, इसलिए फिलहाल गाड़ी यहीं रोक दी जाती है.
राजस्व को हो रहा बड़ा नुकसान
इस स्थिति का असर उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व पर भी पड़ रहा है. रोजाना हजारों ट्रक बिहार से बालू लेकर यूपी जाते हैं. अगर हर ट्रक से 4000 रुपये एसटीपी शुल्क लिया जाए, तो सरकार को प्रतिदिन करोड़ों रुपये का राजस्व मिल सकता है.
लेकिन ट्रकों के सीमा पर ही रुक जाने के कारण यह राशि सरकार तक नहीं पहुंच पा रही है. अनुमान है कि इस कारण हर महीने करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है.
स्थानीय लोगों की बढ़ी परेशानी
फिलहाल बक्सर-पटना फोरलेन और एनएच 922 पर ट्रकों का जमावड़ा आम लोगों के लिए मुसीबत बन गया है. सड़क किनारे खड़े इन भारी वाहनों से न सिर्फ जाम की समस्या बढ़ रही है, बल्कि हर समय किसी बड़े हादसे का डर भी बना हुआ है.
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द इस समस्या का समाधान निकालने की मांग की है, ताकि सड़कों को खाली कराया जा सके और आवागमन सुचारु हो सके.
