Buxar News : बिहार ग्रामीण विकास सेवा संघ ने सरकार की अनदेखी के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर दिया है. संघ ने चेतावनी दी है कि 20 सितंबर तक सात सूत्रीय मांगों पर सरकार की ओर से ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो 21 सितंबर से राज्यभर के अधिकारी अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश पर चले जाएंगे. इस संबंध में संघ के प्रतिनिधिमंडल ने डीएम के माध्यम से मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपा है.
राज्य सेवा संवर्ग का दर्जा देने समेत सात सूत्रीय मांगें
सदर प्रखंड विकास पदाधिकारी साधु शरण पांडेय ने बताया कि संघ की प्रमुख मांगों में बिहार ग्रामीण विकास सेवा को राज्य सेवा संवर्ग का दर्जा देने, सेवा संरचना में सुधार करने, पद एवं जिम्मेदारियों के अनुरूप उचित अवसर उपलब्ध कराने तथा प्रखंड विकास पदाधिकारियों को पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था देने समेत अन्य मांगें शामिल हैं.
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14 सितंबर को अपर मुख्य सचिव के साथ हुई थी वार्ता
साधु शरण पांडेय ने बताया कि 14 सितंबर को ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव के साथ संघ की वार्ता हुई थी. वार्ता के दौरान मांगों पर आश्वासन दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है.
संघ का कहना है कि पूर्व में भी विभिन्न पत्रों के माध्यम से सरकार का ध्यान लंबित मांगों की ओर आकृष्ट कराया गया है. इसके बावजूद मांगों को लेकर सकारात्मक पहल नहीं होने पर संघ ने आंदोलन का निर्णय लिया है.
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मांगें पूरी नहीं हुईं तो 21 सितंबर से सामूहिक अवकाश
संघ ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय-सीमा में सात सूत्रीय मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो राज्यभर के सभी अधिकारी 21 सितंबर से अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश पर चले जाएंगे. संघ के अनुसार, सामूहिक अवकाश के दौरान सरकारी कामकाज प्रभावित होगा.
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