मृदा स्वास्थ्य के बारे में किसानों को दिया गया एक दिवसीय प्रशिक्षण

साथ ही जैविक और प्राकृतिक खेती को अपनाने से मृदा संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा.

बक्सर. कृषि विज्ञान केंद्र के बैनर तले किसानों के बीच फसल उत्पादन पर मृदा स्वास्थ्य का प्रभाव एवं मृदा स्वास्थ्य कार्ड की उपयोगिता पर जागरूकता व तकनीकी जानकारी देने के उद्देश्य से लालगंज ग्राम स्थित कार्यालय सह प्रक्षेत्र परिसर में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. विश्व मृदा दिवस के अवसर पर आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में ग्राम रहथुआं, मझवारी, नाथपुर, गुरुदास मठिया से आये किसानों को वरिष्ठ वैज्ञानिक सह प्रमुख डॉ देवकरन ने बताया कि मृदा स्वास्थ्य को बनाये रखने के लिए रासायनिक खेती पर हमारी निर्भरता को कम करना होगा. साथ ही जैविक और प्राकृतिक खेती को अपनाने से मृदा संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा. तकनीकी सत्र में रबी मौसम की विशेषकर तिलहनी फसलों में पोषक तत्व प्रबंधन एवं मृदा परीक्षण व परिणाम आधारित अनुसंशित उवर्रक उपयोग पर जानकारी देते हुए मृदा नमूना एकत्र विधि की विस्तृत जानकारी से किसानों को अवगत कराया. भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन तिलहन के तहत जिले में सरसों व तीसी फसलों की कलस्टर अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन पर जानकारी देते हुए उन्नत प्रभेदों पूसा मर्स्टड-37 व सबौर तीसी-2 के बारे में बताया गया. बिनोद सिंह, अरुण कुमार पाण्डेय, दिनेश पॉल, तारामुनि देवी, अजोरी देवी, तेतरी देवी, आशा देवी, अशर्फी देवी, किरण देवी, रमाकांत राम, चंदन यादव, जनार्दन राम, शामिल रहे.

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By AMLESH PRASAD

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