बक्सर में भीषण सड़क हादसा, एक ही परिवार के चार लोगों की दर्दनाक मौत, कार के उड़े परखच्चे

Road Accident: बक्सर जिले के एनएच-922 पर रविवार सुबह घने कोहरे और तेज रफ्तार के कारण दर्दनाक सड़क हादसा हो गया. चंदा गांव के पास कार और ट्रक की टक्कर में एक ही परिवार से जुड़े चार लोगों की मौके पर मौत हो गई. हादसे से इलाके में शोक की लहर है.

Road Accident, मनीष मिश्रा: बक्सर जिले के एनएच-922 पर रविवार को सड़क हादसे में एक ही परिवार से जुड़े चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. हादसा उस समय हुआ जब एक कार में सवार चार लोग बक्सर की ओर आ रहे थे. जैसे ही कार चंदा गांव के पास पहुंची, तभी सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार अज्ञात ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी तेज थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और आसपास अफरा-तफरी मच गई. इस हादसे में कार में सवार दो पुरुष और दो महिलाओं की मौत हो गई.

मृतकों के नाम

स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को तुरंत सदर अस्पताल बक्सर ले जाया गया. यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. मृतकों की पहचान एसएसबी जवान सुजीत कुमार पाण्डेय, ओमकार पाण्डेय, गिरजा देवी और मंजू देवी के रूप में हुई है. सभी मृतक स्वर्गीय चितरंजन पांडेय के परिवार से जुड़े थे. इनमें दो भाई और दो बहनें शामिल थीं.

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परिजनों ने क्या बताया

परिजनों ने बताया कि परिवार में 2 फरवरी को तिलक समारोह होना था. इसी तैयारी के लिए सभी लोग गंगा पूजा और खरीदारी करने कार से बक्सर जा रहे थे. इसी दौरान यह हादसा हो गया. लोगों ने बताया कि सुबह के समय सड़क पर घना कोहरा था और वाहनों की रफ्तार तेज थी. माना जा रहा है कि कोहरे के कारण ट्रक चालक को सामने की कार साफ दिखाई नहीं दी और हादसा हो गया.

सूचना मिलते ही नया भोजपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची. शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और सड़क से वाहन हटवाकर सड़क खाली करवाया. पुलिस टक्कर मारने वाले वाहन की तलाश कर रही है.

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Published by: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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