कृषि की अत्याधुनिक वैज्ञानिक तकनीक की किसानों को दी गयी जानकारी

शुक्रवार को कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा) बक्सर द्वारा डुमरांव प्रखंड अंतर्गत कंझरुआ एवं कसियां पंचायत में वासंतिक (रबी) कृषि जन कल्याण किसान चौपाल का आयोजन किया गया.

डुमरांव. शुक्रवार को कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा) बक्सर द्वारा डुमरांव प्रखंड अंतर्गत कंझरुआ एवं कसियां पंचायत में वासंतिक (रबी) कृषि जन कल्याण किसान चौपाल का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में प्रखंड तकनीकी प्रबंधक कल्याणी कुमारी, सहायक तकनीकी प्रबंधक विवेकानंद उपाध्याय, किसान सलाहकार इंद्रजीत कुमार, सुग्रीव उपस्थित रहे, कार्यक्रम में सहायक तकनिकी प्रबंधक विवेकानंद उपाध्याय ने किसानों को जानकारी देते हुए बताया कि इस समय धान की फसल की कटाई हो रही है, कटाई होने के बाद बचे हुए पुआल को ज्यादातर किसान गेहूं बोने की जल्दबाजी में जला देते हैं, जो की बहुत ही खतरनाक है, एक टन पुआल जला देने से 3 किलोग्राम पार्टिकुलेट मैटर, 1460 किलोग्राम कार्बन डाई आक्साइड, 2 किलोग्राम सल्फर डाइ आक्साइड, 60 किलोग्राम कार्बन मोनो ऑक्साइड का उत्सर्जन होता है, जिससे पर्यावरण प्रदूषण के साथ साथ खेत की उर्वरा शक्ति नष्ट हो रही है और किसी भी फसल के उत्पादन में अधिक उर्वरक की आवश्यकता होती है, लेकिन यदि किसान इस पुआल को विभिन्न प्रकार के यंत्रों जैसे मिट्टी पलट हल, हैप्पी सिडर, सुपर सिडर का प्रयोग करते हुए मिट्टी में मिला कर गेहूं की बोआई कर देते हैं तो एक टन पुआल से 20 से 30 किलो नाइट्रोजन, 30 से 40 किलो पोटास, 5 से 7 किलो सल्फर, 600 से 800 किलो आर्गेनिक कार्बन की प्राप्ति होती है, जिससे खेत की उर्वरा शक्ति में वृद्धि होती है, पर्यावरण प्रदूषण नहीं होता है, मित्र जीव का संरक्षण होता है जिससे अधिक उत्पादन मिलता है, उन्होंने किसानों को जानकारी देते हुए बताया गया कि फसल अवशेष प्रबंधन हेतु प्रयुक्त यंत्रों जैसे रोटरी मल्चर, स्ट्रा बेलर विदाउट रैक, सुपर सीडर, रोटरी स्लेसर, जीरो टिलेज मशीनों पर सरकार द्वारा 75% की सब्सिडी मिल रही है, किसान इन यंत्रों को लेकर अपना भी पराली का प्रबंधन कर सकते हैं एवं दूसरों का भी पराली प्रबंधन करते हुए अपनी आमदनी भी कर सकते हैं और इस प्रकार से एक नये रोजगार का भी सृजन हो सकता हैं. प्रखंड तकनीकी प्रबंधक कल्याणी कुमारी द्वारा किसानों को कृषि विभाग की महत्वपूर्ण योजनाओं जैसे बीज वितरण, यंत्रीकरण, उद्यान की जानकारी दी गयी, किसानों को बिहार कृषि एप की जानकारी देते हुए बताया गया की किसान अपने मोबाइल में इस एप को प्ले स्टोर से डाउनलोड करके कृषि विभाग की सभी योजनाओं को अपने घर बैठे प्राप्त कर सकते हैं एवं इसी एप्प से किसी भी योजना में आवेदन भी कर सकते हैं, इसलिए सभी किसान अपनी मोबाइल में बिहार कृषि एप जरूर डाउनलोड करते हुए लाभ प्राप्त करें, किसानों को बीज टीकाकरण की जानकारी देते हुए बताया की किसान अपनी खेती के लिए बीज का प्रयोग करने से पहले बीज का उपचार जरूर करें, बीज उपचार करने से किसानों के खेत में रोग, कीट से बचाव करते हुए फसलों की उपज में वृद्धि होगी. मौके पर किसान गणेश चौबे, गोपाल राम, जवाहर सिंह, शिव जी दूबे, मनोज सिंह सहित पूरे पंचायत से काफी संख्या में महिला एवं पुरुष किसान उपस्थित थे.

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Published by: Amlesh prasad

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